तीन साल तक राशन लेने वाले शिक्षक से हुई ₹52 हजार की वसूली, अब कार्रवाई में देरी पर उठे सवाल

मच्छरगांव मध्य विद्यालय के एक शिक्षक पर तीन साल तक पीडीएस राशन का गबन करने का आरोप है. करीब 52 हजार रुपये की वसूली होने के बावजूद अब तक उन पर कोई विभागीय कार्रवाई नहीं हुई है. स्थानीय लोग जवाबदेही पर सवाल उठा रहे हैं.

Kotwa PDS Ration Case: प्रखंड के मच्छरगांव मध्य विद्यालय के एक शिक्षक पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से तीन वर्षों तक राशन लेने के मामले में दोषी पाए जाने के बावजूद अब तक विभागीय कार्रवाई नहीं होने से सवाल उठने लगे हैं. मामले में संबंधित शिक्षक से करीब 52 हजार रुपये की वसूली पहले ही की जा चुकी है.

जांच में सामने आई थी अनियमितता

जानकारी के अनुसार जांच के बाद अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) के आदेश पर संबंधित शिक्षक से लगभग 52 हजार रुपये की वसूली कराई गई थी.

जांच में यह पाया गया कि शिक्षक ने पात्रता नहीं होने के बावजूद पीडीएस दुकान से राशन का लाभ लिया था.

वसूली हुई, लेकिन कार्रवाई का इंतजार

सरकारी राशि की वसूली पूरी होने के बाद भी शिक्षा विभाग की ओर से अब तक शिक्षक के खिलाफ निलंबन या अन्य विभागीय कार्रवाई नहीं की गई है.

इसी को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि जब जांच में अनियमितता की पुष्टि हो चुकी है और राशि भी वापस ली जा चुकी है, तो अनुशासनात्मक कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है.

लोगों ने उठाए जवाबदेही के सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी नियमों का उल्लंघन करता है, तो विभाग को समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करनी चाहिए. इससे सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहती है.

अब लोगों की नजर इस बात पर है कि शिक्षा विभाग संबंधित शिक्षक के खिलाफ आगे क्या कदम उठाता है.

क्या बोले प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी?

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी आनंद मोहन बिहारी ने बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई के संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी से मार्गदर्शन मांगा जा रहा है.

उन्होंने कहा कि विभाग को पत्र भेजा जा रहा है, जिसके बाद प्राप्त निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Shivam

Published by: Aaruni Thakur

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >