Spirit Syndicate Mastermind Arrested: मोतिहारी जिले के तुरकौलिया थाना क्षेत्र में हुए चर्चित जहरीली शराबकांड की जांच कर रही पुलिस को अंतरराज्यीय स्तर पर बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है. करीब 55 लोगों की जान लेने वाले जहरीले स्पिरिट सिंडिकेट के मुख्य मास्टरमाइंड और 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी सूरज सिंह को पुलिस की विशेष टीम ने उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से गिरफ्तार कर लिया है. इस शातिर सप्लायर की गिरफ्तारी को जहरीली शराब के अवैध नेटवर्क की जड़ों को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है.
Bihar Police Raid: मोतिहारी से जौनपुर तक पुलिस ने बिछाया था जाल
सदर डीएसपी-1 दिलीप कुमार ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त सूरज सिंह उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के जलालपुर थाना अंतर्गत नहौरा (डेरवो) गांव का मूल निवासी है. तुरकौलिया शराबकांड में अवैध और जहरीली स्पिरिट आपूर्ति में मुख्य भूमिका सामने आने के बाद से ही वह लगातार फरार चल रहा था. उसकी लगातार फरारी को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने उस पर 25 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित कर रखा था. उसके जौनपुर स्थित गुप्त ठिकाने पर मौजूद होने की पुख्ता सूचना मिलते ही डीएसपी के नेतृत्व में विशेष टीम ने जलालपुर इलाके में सटीक घेराबंदी कर उसे धर दबोचा.
पूछताछ में अंतरराज्यीय शराब माफियाओं के खुलेंगे राज
जौनपुर से दबोचे जाने के बाद पुलिस टीम सूरज को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मोतिहारी ले आई है, जहां विभिन्न खुफिया एजेंसियां और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उससे गहन पूछताछ कर रहे हैं. प्राथमिक जांच में यह भी तथ्य सामने आया है कि जौनपुर का ही एक अन्य धंधेबाज सतीश कुमार भी इस नेटवर्क का सक्रिय साझीदार था. पुलिस अब सूरज से यह उगलवाने में जुटी है कि जहरीली स्पिरिट कहां से खरीदी जाती थी, उसका भंडारण किन-किन गोदामों में होता था और मोतिहारी सहित उत्तर बिहार के किन-किन सिंडिकेट सरगनाओं तक इसकी खेप सुरक्षित पहुंचाई जाती थी.
मुंबई स्थित केमिकल फैक्ट्री भी जांच के घेरे में
पुलिस की अब तक की जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि सूरज सिंह का महाराष्ट्र के मुंबई में एक बड़ा केमिकल्स का कारखाना संचालित होता है. आशंका जताई जा रही है कि इसी कारखाने से औद्योगिक केमिकल्स और जहरीली स्पिरिट की अवैध निकासी कर उसे शराब माफियाओं को खपाने के लिए भेजा जाता था. पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि सूरज से पूछताछ के बाद मुंबई स्थित उक्त कारखाने के सभी कानूनी व वित्तीय दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जाएगी और साक्ष्य संकलन के बाद फैक्ट्री को विधिवत सील करने की कानूनी प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी.
2023 के कांड से भी जुड़ रही नेटवर्क की कड़ी
पुलिस दो वर्षों में हुए जहरीली शराबकांड की घटनाओं की कड़ियों को भी जोड़ रही है।।. वर्ष 2023 में रघुनाथपुर, तुरकौलिया, हरसिद्धि, पहाड़पुर और सुगौली थाना क्षेत्रों में हुई जहरीली शराब की घटनाओं में करीब 44 लोगों की मौत हुई थी. वहीं 2026 में रघुनाथपुर और तुरकौलिया थाना क्षेत्रों में हुई घटनाओं में भी 10 से अधिक लोगों की मौत की बात सामने आयी है. पुलिस इन मामलों में इस्तेमाल स्पिरिट के स्रोत और आपूर्ति नेटवर्क की जांच कर रही है.छापेमारी में सदर डीएसपी वन दिलीप कुमार, तुरकौलिया थानाध्यक्ष राजीव कुमार, डीआईयू प्रभारी करण सिंह, कृष्णमोहन कुमार, पंकज कुमार सिंह, सौरभ कुमार और अभिषेक कुमार शामिल थे.
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