मोतिहारी में सातवें वेतनमान की मांग को लेकर विशिष्ट शिक्षकों ने बांधी काली पट्टी, सरकार से जल्द फैसले की मांग

मोतिहारी के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत विशिष्ट शिक्षकों ने सातवें वेतनमान की मांग को लेकर मंगलवार को काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध जताया. शिक्षक अपना कार्य करते हुए सरकार और शिक्षा विभाग का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकृष्ट करा रहे हैं.

Motihari News: मोतिहारी प्रखंड के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में कार्यरत विशिष्ट शिक्षकों ने मंगलवार को सातवें वेतनमान की मांग को लेकर हाथों पर काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध जताया. शिक्षक विद्यालयों में अपने नियमित कार्यों का निर्वहन करते रहे और इसी दौरान काली पट्टी बांधकर सरकार एवं शिक्षा विभाग का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकृष्ट कराया.

सातवें वेतनमान की मांग को लेकर काली पट्टी बांधकर विरोध

विशिष्ट शिक्षकों ने कहा कि वे विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ विभाग की ओर से निर्धारित सभी कार्यों को जिम्मेदारी के साथ पूरा कर रहे हैं. इसके बावजूद उन्हें अब तक सातवें वेतनमान का लाभ नहीं मिल रहा है.

शिक्षकों ने सरकार से उनकी मांग पर गंभीरता से विचार कर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की.

समान जिम्मेदारी के बावजूद वेतनमान में अंतर का मुद्दा

शिक्षकों का कहना है कि समान प्रकार की जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद वेतनमान में अंतर रहने से उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. उनका कहना है कि सातवें वेतनमान का लाभ मिलने से वेतन संबंधी असमानता कम होगी और उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी.

विद्यालयों में काम करते हुए जताया शांतिपूर्ण विरोध

विशिष्ट शिक्षकों ने बताया कि काली पट्टी बांधकर विरोध जताने का उद्देश्य विद्यालयों में पठन-पाठन प्रभावित करना नहीं, बल्कि सरकार और शिक्षा विभाग तक अपनी मांग पहुंचाना है. शिक्षकों ने कहा कि विरोध का यह तरीका पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक है.

सेवा शर्तों और वेतनमान की समस्या दूर करने की मांग

शिक्षकों ने सरकार से सेवा शर्तों और वेतनमान से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की. उनका कहना है कि लंबे समय से लंबित मुद्दों पर सकारात्मक पहल होने से शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा और वे अपने दायित्वों का और अधिक उत्साह के साथ निर्वहन कर सकेंगे.

मांग पूरी नहीं हुई तो आगे की रणनीति पर फैसला

विशिष्ट शिक्षकों ने कहा कि फिलहाल काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध किया जा रहा है. यदि उनकी मांग पर जल्द पहल नहीं की गई तो आगे आंदोलन के स्वरूप को लेकर शिक्षक सामूहिक रूप से निर्णय ले सकते हैं.

शिक्षकों ने सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय की अपील

शिक्षकों का कहना है कि सातवें वेतनमान का लाभ उनकी जायज मांग है. सरकार को उनकी सेवा शर्तों और वेतनमान से जुड़े विषयों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र समाधान करना चाहिए, ताकि शिक्षक बिना किसी आर्थिक असमंजस के विद्यालयों में अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें.

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लेखक के बारे में

By सामंत कुमार गौतम

सामंत वर्ष 2013 से यानी पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वाणिज्य (बी.कॉम) और कानून (एलएलबी) स्नातक सामंत को समाचार संकलन, संपादन, कंप्यूटर तकनीक और समाचार प्रबंधन का व्यापक अनुभव है. ये पत्रकारिता के साथ-साथ समाचारों के तकनीकी व प्रबंधकीय कार्यों में विशेष रुचि रखते हैं.

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