बिहार सरस्वती विद्या निकेतन: सात निश्चय-3 के तहत 'उन्नत शिक्षा-उज्जवल भविष्य' योजना को जमीन पर उतारने की तैयारी तेज हो गयी है. इसके तहत जिले के सरस्वती विद्या निकेतन यानी आदर्श विद्यालयों की व्यवस्था में जिला स्तर के अधिकारियों को भी सीधे जोड़ा जाएगा. प्रत्येक विद्यालय से एक जिला स्तरीय अधिकारी को टैग किया जाएगा, जो स्कूल की व्यवस्था की निगरानी के साथ सप्ताह में कम से कम एक कक्षा खुद संचालित करेंगे.
क्लास रूम से टॉयलेट तक की होगी निगरानी
शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किया है. इसके अनुसार नामित अधिकारी अपने स्कूल का नियमित निरीक्षण और अनुश्रवण करेंगे.
अधिकारी कक्षा में जाकर बच्चों को पढ़ाने के साथ पाठ्य-टीका, गृहकार्य और क्लास रूम में पढ़ाई की प्रक्रिया का भी अवलोकन करेंगे. स्कूल में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति और पढ़ाई की गुणवत्ता पर भी नजर रखी जाएगी.
इसके अलावा बिजली, रंग-रोगन, शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की भी जांच होगी. स्मार्ट क्लास, ई-लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल सही तरीके से हो रहा है या नहीं, इसकी भी निगरानी की जाएगी.
अंग्रेजी और JEE-NEET की तैयारी पर जोर
आदर्श विद्यालयों में विद्यार्थियों के अंग्रेजी कौशल को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. इसके लिए डिबेट, राइटिंग और ग्रामर जैसी गतिविधियों को पढ़ाई से जोड़ा जाएगा.
इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए JEE और NEET की नियमित ऑनलाइन कक्षाएं संचालित कराने का भी निर्देश दिया गया है. इसका उद्देश्य स्कूल स्तर पर ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराना है.
सितंबर में होगी शिक्षक-अभिभावक गोष्ठी
विभाग ने सभी आदर्श विद्यालयों में सितंबर महीने में शिक्षक-अभिभावक गोष्ठी आयोजित करने का निर्देश दिया है. इसमें बच्चों की पढ़ाई, उपस्थिति और शैक्षणिक प्रगति को लेकर अभिभावकों से संवाद किया जाएगा.
स्कूलों में खेलकूद गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है. शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालयों की शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक गतिविधियों की नियमित निगरानी करने को कहा गया है.
ई-शिक्षाकोश पोर्टल पर देनी होगी रिपोर्ट
नई व्यवस्था में निरीक्षण की रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज की जाएगी. सभी नामित अधिकारियों की सूची ई-शिक्षाकोश पोर्टल पर पंजीकृत की जाएगी. अधिकारियों को अलग लॉगिन क्रेडेंशियल उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके माध्यम से वे स्कूल निरीक्षण की रिपोर्ट ऑनलाइन जमा करेंगे.
इन रिपोर्टों की समीक्षा जिलाधिकारी की बैठकों में की जाएगी. कमियां सामने आने पर जिला शिक्षा पदाधिकारी की ओर से सुधारात्मक कदम उठाये जाएंगे.
मोतिहारी में विभागीय निर्देश पर होगी कार्रवाई
मोतिहारी के जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार गिरी ने बताया कि विभागीय निर्देश के आलोक में अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी. जिले के आदर्श विद्यालयों को जिला स्तरीय अधिकारियों से जोड़ने के बाद स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था, आधारभूत सुविधाओं और विद्यार्थियों की तैयारी की नियमित निगरानी की जाएगी.
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