मोतिहारी: 90 कंटेनरों में 2457 टन चावल लेकर रक्सौल से गुवाहाटी के लिए रवाना हुई पहली मालगाड़ी

रक्सौल रेलवे मालगोदाम के इतिहास में पहली बार 90 कंटेनरों में 2457 टन चावल लोड कर गुवाहाटी के लिए मालगाड़ी रवाना की गई। इस पहल से रेलवे को 53 लाख रुपये राजस्व मिलने के साथ व्यापार और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। पढ़ें पूरी खबर…

रक्सौल से मनोज कुमार गुप्ता / जितेन्द्र की रिपोर्ट

Motihari News: रक्सौल पूर्व मध्य रेलवे के रक्सौल रेलवे जंक्शन मालगोदाम के इतिहास में रविवार को एक नया अध्याय जुड़ गया. पहली बार यहां से चावल का आउटवर्ड मूवमेंट शुरू हुआ. रिपुराज एग्रो प्राइवेट लिमिटेड ने 90 कंटेनरों में 2457 टन चावल लोड कर असम के गुवाहाटी (आमीनगांव) के लिए पहली मालगाड़ी रवाना की.

इस ऐतिहासिक अवसर पर कंपनी के निदेशक रिपु रमन सहित रेलवे और लॉजिस्टिक क्षेत्र के कई अधिकारी मौजूद रहे.

रक्सौल के लिए ऐतिहासिक दिन

रिपुराज एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक रिपु रमन ने कहा कि रक्सौल से कंटेनर लोड होकर देश के दूसरे हिस्से में भेजा जाना अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि कॉनकॉर और रेलवे के सहयोग से यह संभव हो पाया है.

उन्होंने बताया कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ग्रीन एनर्जी और पर्यावरण संरक्षण की सोच से प्रेरित है.

हर माह 4 से 5 कंटेनर रैक भेजने की तैयारी

रिपु रमन ने बताया कि कंपनी की योजना हर माह चार से पांच कंटेनर रैक देश के विभिन्न हिस्सों में भेजने की है. वर्तमान में घरेलू बाजार के लिए चावल भेजा जा रहा है, लेकिन आने वाले समय में रक्सौल से ही निर्यात के लिए भी कंटेनर लोड किए जाएंगे.

उन्होंने कहा कि भविष्य में रिपुराज के उत्पाद देश के प्रमुख शहरों के साथ-साथ विदेशों तक भी पहुंचाए जाएंगे.

रेल मार्ग से होगा पर्यावरण संरक्षण

कंपनी के अनुसार रेल मार्ग से माल परिवहन होने से डीजल और पेट्रोल की खपत कम होगी. साथ ही उत्पाद सुरक्षित तरीके से ग्राहकों तक पहुंचेगा.

रिपु रमन ने कहा कि कंटेनर परिवहन से पैकिंग की गुणवत्ता बनी रहती है और ग्राहकों को बेहतर उत्पाद मिलता है. इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लॉजिस्टिक लागत में भी कमी आएगी.

व्यापार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

उन्होंने कहा कि इस पहल से पूर्वी और पश्चिमी चंपारण के व्यापारियों को नया बाजार मिलेगा. साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.

रक्सौल से बड़े पैमाने पर माल परिवहन शुरू होने से क्षेत्र को व्यापारिक हब के रूप में विकसित होने का अवसर मिलेगा.

रेलवे को होगा बड़ा लाभ

रेल अधिकारियों ने बताया कि इस आउटवर्ड मूवमेंट से रेलवे को लगभग 53 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होगा. साथ ही माल परिवहन की नई संभावनाएं खुलेंगी.

कॉनकॉर के क्षेत्रीय अधिकारी सुमन कुमार बेहरा ने कहा कि इस पहल से रक्सौल से देश के विभिन्न हिस्सों तक उत्पादों की पहुंच आसान होगी.

वहीं स्टेशन अधीक्षक अजय राम और यातायात निरीक्षक धीरेंद्र कुमार ने कहा कि माल ढुलाई बढ़ने से रेलवे राजस्व में वृद्धि होगी और इसका लाभ क्षेत्र के विकास में भी दिखाई देगा.

रक्सौल से शुरू हुआ नया बिजनेस मॉडल

लॉजिस्टिक कंपनी के प्रतिनिधि शेखर लोहिया ने कहा कि रिपुराज एग्रो की यह पहल रक्सौल के आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी.

उन्होंने कहा कि रक्सौल से कंटेनर आधारित माल परिवहन शुरू होने के साथ ही एक नए बिजनेस मॉडल की शुरुआत हुई है, जिससे आने वाले समय में व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी.

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By Sarfaraz Ahmad

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