Raxaul News: पश्चिम चम्पारण क्षेत्र, बेतिया के पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) हरकिशोर राय ने रामगढ़वा थानाध्यक्ष राजीव कुमार साह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई रखवरिया निवासी सुनीता देवी द्वारा अपने पति बालकन्हाई महतो के मामले में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद की गई.
अपहरण के मामले में लगाए गए थे गंभीर आरोप
आवेदन के अनुसार, 15 जून 2026 को बालकन्हाई महतो का अपहरण कर लिया गया था. डायल-112 की सूचना पर पुलिस ने कथित अपहरणकर्ता और अपहृत व्यक्ति को बरामद कर थाना लाया.
शिकायत में आरोप लगाया गया कि कथित अपहरणकर्ता को करीब एक घंटे बाद छोड़ दिया गया, जबकि बालकन्हाई महतो को बिना किसी वैधानिक कार्रवाई के लगभग 24 घंटे तक थाना हाजत में रखा गया.
स्पष्टीकरण असंतोषजनक, कार्रवाई
मामले की जांच के दौरान डीआईजी ने थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया. जांच में यह भी सामने आया कि सूदखोरी की जानकारी होने के बावजूद संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ न तो प्राथमिकी दर्ज की गई और न ही आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई.
डीआईजी ने इसे कर्तव्य के प्रति लापरवाही, अनुशासनहीनता और मनमाने रवैये का परिचायक मानते हुए थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया.
पहले भी लग चुके हैं आरोप
स्थानीय स्तर पर राजीव कुमार साह पर पहले भी व्यवसायियों को कथित रूप से झूठे मुकदमों में फंसाने और थाना प्रभारी के पद का दुरुपयोग कर परेशान करने जैसे आरोप लगते रहे हैं.
हालांकि, इन आरोपों पर आधिकारिक रूप से कोई अलग निष्कर्ष इस रिपोर्ट में उल्लेखित नहीं है.
डीआईजी की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम बताया है.
