जनसंख्या वृद्धि के कारण बढ़ रही गरीबी और बेरोजगारी :डॉ. दुर्गेश्वर

केविवि के सेहत केंद्र द्वारा विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर व्याख्यान का आयोजन किया गया.

मोतिहारी.केविवि के सेहत केंद्र द्वारा विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर व्याख्यान का आयोजन किया गया. उक्त कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक कुलपति प्रो. संजय कुमार श्रीवास्तव थे. मुख्य वक्ता के रूप में केविवि के वनस्पति विज्ञान विभाग के सहायक आचार्य डॉ. दुर्गेश्वर सिंह ने विश्व जनसंख्या दिवस की स्थापना और इसके ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए इसके उद्देश्यों, प्रमुख चुनौतियां और समाधानों पर अपना विचार रखा. डॉ सिंह ने कहा कि 2025 की जनसंख्या लगभग 8.1 अब को पार कर चुकी है और इसमें भारत जनसंख्या की दृष्टि से विश्व का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बन चुका है. उन्होंने जनसंख्या दिवस के उद्देश्यों की चर्चा करते हुए कहा कि विश्व जनसंख्या दिवस मनाने का उद्देश्य जनसंख्या वृद्धि की दर को लेकर जनजागरूकता बढ़ाना है, परिवार नियोजन, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं और गर्भनिरोधक उपायों के प्रति जन जागरूकता को बढ़ाना है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा गरीबी, बेरोजगारी शिक्षा की गुणवत्ता में कमी, शहरीकरण में वृद्धि और पर्यावरण दोहन आदि समस्याएं जनसंख्या वृद्धि के कारण बढ़ती ही जा रही हैं. इसके कारण रोजगार की कमी, पर्यावरण का क्षरण, शहरीकरण में वृद्धि हुई है जो कि एक चुनौती के रूप में हम सब के सम्मुख उपस्थित है. उक्त कार्यक्रम में सेहत केन्द्र के समन्वयक डॉ बबलू पाल, विश्वविद्यालय के जनसम्पर्क प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ श्याम नंदन, समाजकार्य विभाग के सहायक आचार्य डॉ अनुपम कुमार वर्मा आदि उपस्थित रहे.

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Published by: Ranjeet thakur

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