मोतिहारी के पताही से विकास कुमार सिंह की रिपोर्ट
Patahi Farmer Chaupal: पताही प्रखंड के गोनाही गांव स्थित ब्रह्मस्थान परिसर के समीप किसान जन कल्याण चौपाल सह खेत बचाओ अभियान का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों एवं प्राकृतिक खेती के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी.
मिट्टी जांच के महत्व पर दिया गया जोर
किसान चौपाल में सहायक तकनीकी प्रबंधक आनंद कुमार सिंह ने किसानों को मिट्टी जांच के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का उपयोग करने से फसल उत्पादन बेहतर होता है और मिट्टी की उर्वरा शक्ति लंबे समय तक बनी रहती है. उन्होंने किसानों को नियमित रूप से मिट्टी की जांच कराने की सलाह दी.
वर्मी कम्पोस्ट और जैविक खेती अपनाने की अपील
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को वर्मी कम्पोस्ट, ढैंचा और मूंग की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने बताया कि जैविक खेती से मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है और उत्पादन लागत भी कम होती है. किसानों को प्राकृतिक कृषि पद्धतियों के लाभों के बारे में भी जानकारी दी गई.
धान की उन्नत खेती की जानकारी
चौपाल के दौरान धान एवं मोटे अनाज (श्रीअन्न) की खेती की उन्नत तकनीकों पर चर्चा की गई. किसानों को कतारबद्ध बुआई, उन्नत बीजों के उपयोग और संतुलित उर्वरक प्रबंधन के बारे में बताया गया. कृषि वैज्ञानिकों ने कहा कि वैज्ञानिक तरीके अपनाकर किसान बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं.
किसानों की समस्याओं का किया गया समाधान
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने फसल रोग, कीट प्रबंधन और कृषि उत्पादन से जुड़ी विभिन्न समस्याएं रखीं. कृषि विशेषज्ञों ने मौके पर ही किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान किया और आवश्यक तकनीकी सुझाव दिए. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे और आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती को अपनाने का संकल्प लिया.
