मोतिहारी: किताबों से आगे खेलों से सीखेंगे बच्चे, अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी में हुई खास चर्चा

मोतिहारी के राजकीय मध्य विद्यालय, दुलमा में 'खेलों और सीखों' विषय पर एक अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी आयोजित की गई. इस संगोष्ठी में बच्चों को खेल-आधारित गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा देने के तरीकों पर ज़ोर दिया गया, जिससे उनकी सीखने में रुचि बढ़े और सर्वांगीण विकास हो.

Motihari News: मोतिहारी. मधुबन प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय, दुलमा में अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन किया गया. संगोष्ठी का मुख्य विषय ‘खेलों और सीखों’ रहा. कार्यक्रम में खेल आधारित गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को सहज, रोचक और प्रभावी तरीके से शिक्षा देने के तरीकों पर चर्चा की गई. शिक्षकों ने अभिभावकों से बच्चों की नियमित पढ़ाई और विद्यालय उपस्थिति में सहयोग करने की अपील की.

Madhuban News: खेल-खेल में बच्चों को शिक्षा देने पर जोर

संगोष्ठी में शिक्षकों ने बताया कि खेल आधारित गतिविधियां बच्चों के मानसिक, शारीरिक और बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. खेल के माध्यम से कठिन विषयों को भी बच्चों के लिए सरल और रोचक बनाया जा सकता है.

बच्चों की सीखने में रुचि बढ़ाने पर हुई चर्चा

शिक्षकों ने अभिभावकों को बताया कि पढ़ाई के साथ मनोरंजक गतिविधियों को जोड़ने से बच्चों की सीखने में रुचि बढ़ती है. इससे बच्चे विषयों को बेहतर तरीके से समझने के साथ अपनी रचनात्मकता भी विकसित कर सकते हैं.

नियमित पढ़ाई और विद्यालय उपस्थिति पर जोर

कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों से बच्चों की नियमित पढ़ाई और विद्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित कराने की अपील की गई. शिक्षकों ने कहा कि बच्चों की शैक्षणिक प्रगति के लिए घर और विद्यालय के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है.

घर पर बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाने की अपील

अभिभावकों से घर पर बच्चों के लिए सकारात्मक और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया. शिक्षकों ने कहा कि अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी से बच्चों के सीखने और सर्वांगीण विकास को बेहतर बनाया जा सकता है.

विद्यालय और अभिभावकों के बीच समन्वय जरूरी : प्रधानाध्यापक

विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजकिशोर सिंह ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है. उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा के साथ उनके शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए.

शिक्षक और अभिभावक रहे मौजूद

संगोष्ठी में विद्यालय के शिक्षक, अभिभावक एवं विद्यालय परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान बच्चों की शिक्षा और विद्यालय की गतिविधियों को बेहतर बनाने के लिए अभिभावकों से सुझाव भी लिए गए.

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लेखक के बारे में

By Shashi Chandra Tiwary

शशि चंद्र तिवारी वरिष्ठ पत्रकार हैं. साल 2009 में सन्मार्ग हिंदी दैनिक से पत्रकारिता की शुरुआत की और 2011 से लगातार प्रभात खबर के साथ जुड़े हुए हैं. वर्तमान में वह पूर्वी चंपारण जिले के मधुबन से प्रभात खबर के संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं. समसामयिक, अपराध, राजनीति, प्रशासनिक गतिविधि और कृषि जैसे विषयों की पत्रकारिता में विशेष रुचि है.

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