महिलाओं को मुफ्त में सिखाई जा रही सिलाई-कढ़ाई, जानें कैसे आत्मनिर्भर बनने की तैयारी कर रही महिलाएं

मोतिहारी में मुस्लिम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की अनोखी पहल शुरू हुई है. अंजुमन इस्लामिया द्वारा संचालित केंद्र पर 80 महिलाओं को निशुल्क सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इस हुनर से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ेंगी.

Motihari News: शहर के हनुमान गढ़ी स्थित जौवाद हुसैन गर्ल्स स्कूल में मुस्लिम महिलाओं को स्वावलंबी और आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने की दिशा में पहल शुरू की गई है. अंजुमन इस्लामिया द्वारा संचालित इस केंद्र पर अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं के लिए निशुल्क सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है. वर्तमान में 80 महिलाएं प्रशिक्षण ले रही हैं. प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं के हुनर को तराशकर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने के योग्य बनाना है, ताकि वे परिवार को आर्थिक संबल देने के साथ समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें.

80 महिलाओं को निशुल्क मिल रही सिलाई-कढ़ाई की ट्रेनिंग

प्रशिक्षण कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि महिलाओं को बिना किसी शुल्क के सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए शुरू किए गए इस कार्यक्रम को लेकर स्थानीय स्तर पर काफी उत्साह देखा जा रहा है.

वर्तमान में कुल 80 महिलाएं पूरी लगन के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं. प्रशिक्षण केंद्र पर महिलाओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रबंधन को अलग-अलग शिफ्ट में प्रशिक्षण संचालित करने का निर्णय लेना पड़ा है.

16 आधुनिक सिलाई मशीनों से सीख रहीं कटिंग और डिजाइन

अंजुमन इस्लामिया के सदस्य हाजी अमरूल्लाह ने बताया कि प्रशिक्षण को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए केंद्र पर फिलहाल 16 आधुनिक सिलाई मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं.

अनुभवी प्रशिक्षकों की देखरेख में महिलाएं सिलाई के साथ कटिंग और नए डिजाइन सीख रही हैं. कम समय में महिलाओं को बारीकी से सिलाई करने के गुर सिखाए जा रहे हैं. प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में समाज की ओर से भी सहयोग मिल रहा है.

प्रशिक्षण केंद्र में बढ़ रही महिलाओं की भीड़

स्थानीय महिलाओं में प्रशिक्षण को लेकर काफी उत्साह है. सुबह से ही महिलाएं प्रशिक्षण केंद्र पर पहुंचने लगती हैं. बड़ी संख्या में महिलाओं के प्रशिक्षण लेने के कारण केंद्र में जगह भी कम पड़ने लगी है.

महिलाओं को पर्याप्त समय और बेहतर प्रशिक्षण मिल सके, इसके लिए प्रशिक्षण को अलग-अलग शिफ्ट में संचालित किया जा रहा है. इससे अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण से जोड़ने में भी मदद मिल रही है.

हुनर के जरिए आत्मनिर्भर बनने का सपना

प्रशिक्षण ले रही महिलाओं का कहना है कि सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वे खुद का रोजगार शुरू करना चाहती हैं. इससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी योगदान दे सकेंगी.

महिलाओं का कहना है कि प्रशिक्षण से उन्हें नया हुनर सीखने का अवसर मिला है. वे आगे इस हुनर का इस्तेमाल रोजगार के रूप में करना चाहती हैं.

महिला सशक्तिकरण की दिशा में नई पहल

अंजुमन इस्लामिया की ओर से शुरू किया गया यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराने की दिशा में पहल के रूप में देखा जा रहा है. निशुल्क प्रशिक्षण के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को अपने हुनर को विकसित करने का अवसर मिल रहा है.

प्रशिक्षण पूरा करने के बाद महिलाओं के खुद का रोजगार शुरू करने की उम्मीद है. इससे वे स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ दूसरी महिलाओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकती हैं.

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By Intejarul Haq

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