Motihari Weather News Today: मोतिहारी और तुरकौलिया इलाके में सोमवार की शाम आई तेज आंधी और झमाझम बारिश ने एक तरफ जहां आम लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है, वहीं दम तोड़ रही फसलों में नई जान फूंक दी है. पिछले कई दिनों से बिना पानी के फसलें सूख रही थीं. हालांकि, इस बारिश ने नगर परिषद और स्थानीय प्रशासन के ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोल दी है, जिससे जगह-जगह जलजमाव की स्थिति बन गई है और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
पंपसेट और मोटर का पटवन था फेल, बारिश से खिले किसानों के चेहरे
बारिश से पहले स्थिति यह थी कि कड़ाके की धूप के कारण खेतों और सड़कों पर धूल उड़ रही थी. किसान पंपसेट या विद्युत मोटर से खेतों का पटवन तो कर रहे थे, लेकिन अत्यधिक गर्मी के कारण दो दिन में ही खेत की नमी पूरी तरह खत्म हो जा रही थी. बहुत दिनों के बाद हुई इस झमाझम बारिश के बाद अब किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. स्थानीय किसान राजेंद्र सिंह, चंद्रिका सिंह, विजय कुमार, मुन्ना सिंह और अजीत कुशवाहा ने बताया कि खेतों में लगी करेला, कद्दू, परवल और नेनुआ जैसी नकदी फसलों पर धूप का बुरा असर पड़ रहा था और पत्ते पीले पड़ रहे थे. पानी के अभाव में मिर्च की फसल भी बर्बाद हो रही थी.
धान के बिचड़े को संजीवनी, अब बढ़ेगा ग्रोथ
किसानों ने बताया कि खरीफ सीजन को लेकर गिराए गए धान के बिचड़े (नर्सरी) बारिश के पानी के बिना सूखने के कगार पर थे. किसान किसी तरह महंगा डीजल जलाकर पटवन कर उन्हें बचा रहे थे, लेकिन इसके बावजूद बिचड़े का ग्रोथ (विकास) रुका हुआ था. इस प्राकृतिक बारिश का पानी मिलने से धान के बिचड़ों को संजीवनी मिल गई है और अब फसलों में फिर से नया निखार आ गया है.
बोरिंग चौक से एसबीआई रोड तक समंदर बनी सड़क, अस्पताल में घुसा पानी
एक तरफ जहां किसान खुश हैं, वहीं दूसरी तरफ इस पहली ही तेज बारिश ने राहगीरों और शहरवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. जल निकासी की सही व्यवस्था न होने से मोतिहारी-अरेराज मुख्य पथ के बोरिंग चौक से लेकर स्टेट बैंक (SBI) तक की मुख्य सड़क पर घुटनों तक पानी जमा हो गया है. इसके अलावा स्थानीय अस्पताल परिसर में भी भारी जलजमाव हो गया है, जिससे मरीजों और उनके तीमारदारों को आने-जाने में भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है.
आंधी आते ही गायब हुई ‘बिजली रानी’, अंधेरे में डूबे गांव और बाजार
मौसम बदलते ही बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई. आंधी आने से ठीक पहले एहतियातन काटी गई बिजली बारिश रुकने के घंटों बाद तक बहाल नहीं हो सकी थी. इसके कारण स्थानीय दुकानदारों और कारोबारियों की परेशानी बढ़ गई. वहीं ग्रामीण इलाकों में बिजली न होने और आंधी के कारण शाम का खाना बनाने में गृहणियों को भारी मशक्कत करनी पड़ी.
मोतिहारी, तुरकौलिया से आफताब आलम की रिपोर्ट
