मोतिहारी से अमरेश कुमार सिंह की रिपोर्ट
Motihari Tender Scam: नगर निगम में आयोजित होने वाले डिज़नीलैंड मेला के टेंडर को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है.इस कथित टेंडर घोटाले में राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है.इस बीच नगर आयुक्त की चुप्पी ने इस मामले को और हवा दे दी है.मंगलवार को पूर्व नगर पार्षद मणि श्रीवास्तव ने एक प्रेसवार्ता का आयोजन कर सीधे नगर आयुक्त पर निशाना साधा.उन्होंने इस पूरे खेल में शामिल रसूखदार ‘श्वेतपोशों’ के नामों को सार्वजनिक करने और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की पुरजोर मांग की है.
56 लाख का टेंडर महज 14 लाख में देने का आरोप
पूर्व पार्षद मणि श्रीवास्तव ने टेंडर प्रक्रिया पर गंभीर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए हैं.उन्होंने सीधे सवाल किया कि आखिर किस परिस्थिति में नगर निगम के राजस्व को पांच गुना कम करके यह टेंडर जारी किया गया.उन्होंने दावा किया कि जिस डिज़नीलैंड मेले का टेंडर कम से कम 56 लाख रुपये का होना चाहिए था, उसे महज 14 लाख रुपये में कैसे और क्यों दे दिया गया.उन्होंने आशंका जताई कि इसके पीछे किसी बड़े सिंडिकेट का हाथ है.आखिर नगर आयुक्त पर किसका दबाव था, जिसके कारण निगम को लाखों रुपये के राजस्व का चूना लगाया गया.
आधिकारिक बयान जारी करने की मांग
मणि श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक प्रेस नोट पर भी कड़ी आपत्ति जताई है.इस वायरल नोट में टेंडर प्रक्रिया को सही ठहराने की कोशिश की जा रही है.इस पर पूर्व पार्षद ने कहा कि उनका सवाल सीधे नगर आयुक्त से था, न कि सोशल मीडिया पर बयानबाजी करने वाले बिचौलियों से.उन्होंने कहा कि नगर आयुक्त का अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आना दाल में कुछ काला होने का संकेत देता है.उन्होंने मांग की कि प्रशासन इस मामले में तुरंत अपनी स्थिति स्पष्ट करे और दोषियों पर कार्रवाई करे.
