चंपारण के शायर डॉ. शकील मोईन को मिला फिराक गोरखपुरी अवार्ड, शायरी में पांच दशक का सफर

गोरखपुर में आयोजित समारोह में डॉ. शकील मोईन को साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके करीब 50 वर्षों के योगदान के लिए सम्मान मिला. कार्यक्रम में ऑल इंडिया मुशायरे का भी आयोजन हुआ, जिसमें देशभर के शायरों ने कलाम पेश किया.

फिराक गोरखपुरी अवार्ड: चंपारण के प्रख्यात शायर डॉ. शकील मोईन को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित फिराक गोरखपुरी अवार्ड से सम्मानित किया गया. यह सम्मान उत्तर प्रदेश की संस्था ‘फिराक लिटरेरी फाउंडेशन’ की ओर से प्रदान किया गया. डॉ. शकील मोईन को कार्यक्रम में मुख्य अतिथि (गेस्ट ऑफ ऑनर) के रूप में भी आमंत्रित किया गया था.

50 साल की साहित्यिक और सामाजिक सेवा के लिए सम्मान

फिराक गोरखपुरी की स्मृति में आयोजित समारोह में डॉ. शकील मोईन को उनकी करीब पांच दशक लंबी साहित्यिक और सामाजिक सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया. राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी, संस्था के संरक्षक डॉ. कफील अहमद, डॉ. अकमल और अध्यक्ष इरशाद जमाल सानी ने उन्हें शॉल, प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न भेंट किया.

इस्लामिया इंटर कॉलेज में हुआ भव्य आयोजन

गोरखपुर के बख्शीपुर स्थित इस्लामिया इंटर कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह का उद्घाटन प्रसिद्ध चेस्ट स्पेशलिस्ट डॉ. अजीज अहमद ने किया. कार्यक्रम में फिराक गोरखपुरी के जीवन और साहित्य पर शोध पत्र प्रस्तुत किए गए. साहित्य प्रेमियों की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया.

ऑल इंडिया मुशायरे में शायरों ने बांधा समां

शोध पत्रों की प्रस्तुति के बाद ऑल इंडिया मुशायरे का आयोजन किया गया. इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे चर्चित शायरों ने अपनी रचनाएं पेश कीं. देर रात तक चले मुशायरे में शायरों के कलाम पर श्रोताओं ने जमकर दाद दी. पूरे कार्यक्रम के दौरान साहित्य और शायरी का माहौल बना रहा.

चंपारण से गहरा नाता

डॉ. शकील मोईन शहर के मिस्कॉट निवासी हैं और वर्तमान में पश्चिमी चंपारण के बगहा में रहते हैं. उनकी रचनाओं में सामाजिक सरोकारों की झलक मिलती है. उनकी शायरी समाज की परिस्थितियों और लोगों की भावनाओं को सामने रखने का काम करती है.

मोतिहारी के साहित्यकारों ने दी बधाई

डॉ. शकील मोईन को सम्मान मिलने की खबर से मोतिहारी के शायरों और साहित्य प्रेमियों में खुशी है. सीनियर सहाफी ओजैर अंजुम, डॉ. सबा अख्तर शोख, गुलरेज शहजाद, रफी अहमद आफताब, कलीमुल्लाह कलीम, ओजैर सालिम और अशोक वर्मा समेत कई लोगों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल साहित्यिक भविष्य की कामना की.

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By Intejarul Haq

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