Motihari School Fake Order: सोशल मीडिया पर स्कूल बंदी का फर्जी आदेश वायरल, एसपी ने की एफआईआर की पुष्टि

Motihari School Fake Order: सोशल मीडिया पर स्कूल बंदी का एक फर्जी आदेश पत्र वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है. एसपी स्वर्ण प्रभात ने इसे पूरी तरह भ्रामक बताते हुए अज्ञात तत्वों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर साइबर सेल को जांच का जिम्मा सौंपा है. जानिए पूरी खबर…

मोतिहारी से सच्चिदानंद सत्यार्थी की रिपोर्ट

Motihari School Fake Order: जिला मुख्यालय समेत पूरे जिले में इन दिनों सोशल मीडिया पर एक आदेश पत्र तेजी से वायरल हो रहा है. इस पत्र में भीषण गर्मी का हवाला देते हुए जिले के सभी निजी और सरकारी विद्यालयों को कक्षा 8 तक बंद करने का निर्देश दिया गया है. वायरल पत्र में जिला दंडाधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर और मोहर का भी उपयोग किया गया है. इस फर्जी आदेश ने अभिभावकों, छात्रों और स्कूल प्रबंधनों के बीच भारी भ्रम की स्थिति पैदा कर दी थी.

एसपी ने कहा- अफवाह फैलाने वाले जाएंगे जेल

 प्रशासन ने इस वायरल पत्र का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि स्कूल बंदी का यह आदेश पूरी तरह से फर्जी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया है. मोतिहारी के एसपी स्वर्ण प्रभात ने साफ किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा यह पत्र पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है. जिला प्रशासन की ओर से ऐसा कोई नया आदेश जारी नहीं किया गया है. एसपी ने चेतावनी दी कि अफवाह फैलाने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा.

साइबर सेल जांच में जुटी, दर्ज हुई एफआईआर

 इस मामले में फर्जीवाड़ा करने वाले अज्ञात शरारती तत्वों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है. पुलिस की साइबर सेल अब तकनीकी इनपुट्स के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर यह फर्जी पत्र किसने तैयार किया और इसे सबसे पहले किसने वायरल किया था. प्रशासन ने सभी अभिभावकों और स्कूल संचालकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया की खबरों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें. किसी भी सूचना की सत्यता जिला प्रशासन के अधिकृत माध्यमों से जरूर जांच लें.

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लेखक के बारे में

सुनील कुमार सिंह प्रभात खबर मल्टीमीडिया में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।

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