मोतिहारी से सुजीत पाठक की रिपोर्ट
Motihari Police Action: पूर्वी चंपारण पुलिस ने ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े चर्चित नकदी बरामदगी मामले में बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने तुरकौलिया थानाध्यक्ष सम्पत कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. उन पर 24.91 लाख रुपये की बरामदगी से जुड़े मामले में प्राथमिकी के तथ्यों में हेरफेर करने और गंभीर अनियमितता बरतने का आरोप है.
24.91 लाख रुपये के साथ चार संदिग्ध पकड़े गए थे
25 मई की रात तुरकौलिया थाना पुलिस ने निमुईया चौक के पास एक कार की तलाशी के दौरान गुप्त तहखाने से 24 लाख 91 हजार रुपये नकद बरामद किए थे. इस दौरान नेपाल के बारा जिले के प्रज्ज्वल सहनी, दीपेश कुमार यादव तथा आदापुर निवासी कृष्णा सहनी और सुभाष कुमार को हिरासत में लिया गया था. प्रारंभिक जांच में इस राशि का संबंध नेपाल से संचालित ड्रग्स सिंडिकेट से होने की आशंका जताई गई थी.
FIR में हेरफेर और आरोपियों को छोड़ने का आरोप
जांच में सामने आया कि बरामदगी के तीन दिन बाद 28 मई को प्राथमिकी दर्ज की गई. आरोप है कि थानाध्यक्ष ने अपने बयान में बरामदगी के महत्वपूर्ण तथ्यों को बदल दिया और चारों संदिग्धों को निजी मुचलके (PR Bond) पर छोड़ दिया. मामले में रिकॉर्ड में हेरफेर और वरिष्ठ अधिकारियों को सही जानकारी नहीं देने के भी आरोप लगे हैं.
प्रशिक्षु DSP की जांच में खुलासा
प्रशिक्षु DSP ऋषभ कुमार की जांच रिपोर्ट में बताया गया कि बरामद नकदी को सामान्य रकम दर्शाने की कोशिश की गई, ताकि मामला NDPS Act के दायरे में न आए. रिपोर्ट में यह भी आशंका जताई गई कि आरोपियों को PR Bond पर छोड़ने के पीछे लेनदेन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
EOU भी कर रही जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की विशेष टीम भी मोतिहारी पहुंचकर जांच में जुटी है. पुलिस पूरे नेटवर्क और बरामद नकदी के स्रोत की पड़ताल कर रही है. SP स्वर्ण प्रभात ने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी पुलिसकर्मी या अन्य व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
