मोतिहारी से सामंत कुमार गौतम की रिपोर्ट
Motihari News: सदर अंचल के विभिन्न हल्का क्षेत्रों में फर्जी राजस्व कर्मचारी बनकर ठगी करने के मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. इस नए मोड़ ने अंचल कार्यालय की गोपनीयता और ऑनलाइन सरकारी सिस्टम की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. कर्मचारियों से मिली जानकारी के अनुसार, साइबर ठग केवल उन्हीं आवेदकों को अपना निशाना बना रहे हैं जिनके म्यूटेशन, परिमार्जन या एलपीसी (LPC) के आवेदन में कोई कागजात अधूरा है या तकनीकी त्रुटि के कारण उसे वापस (रिटर्न) किया गया है.
अधूरे कागजात वाले आवेदकों को बनाया जा रहा निशाना
टिकुलिया, नौरंगिया और लखौरा सहित कई हल्का क्षेत्रों से विभिन्न राजस्व कार्यों के लिए आवेदन किए गए थे. आवश्यक दस्तावेज संलग्न नहीं होने पर कर्मचारी आवेदन को सीधे खारिज करने के बजाय त्रुटि सुधार के लिए आवेदक के पास वापस भेज देते हैं. हैरानी की बात यह है कि जैसे ही आवेदन वापस होता है, फ्रॉड करने वाले व्यक्ति के पास आवेदक का नाम, मोबाइल नंबर और त्रुटि की पूरी जानकारी पहुंच जाती है. इसके बाद ठग आवेदक को फोन कर काम कराने के नाम पर अवैध रूप से रुपयों की मांग करने लगता है.
सरकारी लॉगिन और डेटा सुरक्षा पर खड़े हुए गंभीर सवाल
राजस्व कर्मचारियों के बीच इस डेटा लीक को लेकर भारी चिंता व्याप्त है. कर्मचारियों का कहना है कि पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया सुरक्षित सरकारी लॉगिन आईडी और पासवर्ड के माध्यम से संचालित होती है, जो पूरी तरह गोपनीय रहती है. इसके बावजूद रिटर्न आवेदन की पल-पल की जानकारी बाहर जाना एक अत्यंत गंभीर मामला है और यह निष्पक्ष जांच का विषय है. इस मामले के सामने आने के बाद आम लोगों और आवेदकों में दहशत का माहौल है. लोग अब अनजान नंबरों से आने वाली कॉल को लेकर सतर्क हो गए हैं.
