Motihari News: भारत-नेपाल सीमा पर तीन साल पहले हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने बड़ा पर्दाफाश किया है. नेपाल के बारा जिले के पचरौता में एक भारतीय नागरिक की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में नेपाल पुलिस ने एक और मुख्य आरोपी को दबोचने में कामयाबी हासिल की है. जिला प्रहरी कार्यालय बारा की विशेष टीम ने बुधवार की देर शाम नेपाल के बारा पचरौता-4 बेलदारी इलाके से मोतिहारी जिले के दरपा थाना क्षेत्र निवासी 30 वर्षीय रंजीत मुखिया को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है.
24 सितंबर 2023 को हुई थी हत्या
नेपाल पुलिस के आधिकारिक इनपुट के अनुसार, 24 सितंबर 2023 को भारतीय नागरिक अजीत कुमार सिंह की नेपाल सीमा के भीतर बारा जिले के पचरौता नगरपालिका वार्ड नंबर 6 लक्ष्मीनिया में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मर्डर मिस्ट्री की जांच करते हुए नेपाल पुलिस ने हत्या के महज एक सप्ताह के भीतर ही मृतक अजीत सिंह की पत्नी सोनम सहनी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जो मोतिहारी जिले के दरपा थाना क्षेत्र के सुखलहिया गांव की रहने वाली है.
हालांकि, इस पूरे हत्याकांड का मुख्य सूत्रधार और सोनम का प्रेमी सुजीत कुमार सिंह अपने अन्य साथियों चंचल पांडे और मनीष कुमार सहनी के साथ अब भी फरार है. मामले से जुड़ा एक अन्य आरोपी कामेश्वर सहनी की कहानी भी खूनी रही; उसकी छह महीने पहले भारत में ही उसकी दूसरी पत्नी और बेटे ने मिलकर हत्या कर दी थी.
नेपाल में हत्या करने पर पुलिस से बच जाने की थी गलतफहमी
नेपाल पुलिस की गहन जांच में खुलासा हुआ कि अजीत सिंह की पत्नी सोनम सहनी का अपने ही गांव के सुजीत कुमार सिंह के साथ अवैध प्रेम संबंध चल रहा था. अजीत इस रिश्ते में कांटा बन रहा था, जिसके बाद सोनम ने अपने प्रेमी सुजीत के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की पूरी स्क्रिप्ट लिखी.तस्करों और अपराधियों को यह गलतफहमी थी कि यदि वे किसी भारतीय नागरिक की हत्या भारत में न करके नेपाल की धरती पर करेंगे, तो वे दोनों देशों की कानूनी पेचीदगियों का फायदा उठाकर अंतरराष्ट्रीय सीमा के कारण आसानी से पुलिस कार्रवाई से बच जाएंगे.
योजना के मुताबिक, 24 सितंबर 2023 को मुख्य आरोपी सुजीत कुमार सिंह ने अजीत को अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाया और नेपाल-भारत सीमा के निकट बारा के लक्ष्मीनिया क्षेत्र में ले आया.
सिर्फ प्यार नहीं, घोड़ासहन में लूटे गए सोने के ₹8 लाख भी बने मौत का कारण
इस मर्डर मिस्ट्री में पुलिस को एक बड़ा ट्विस्ट तब मिला जब यह साफ हुआ कि हत्या के पीछे केवल प्रेम प्रसंग नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट के भीतर पैसों का बड़ा विवाद था:
- एक ही गैंग के सदस्य थे अजीत और सुजीत: पुलिस जांच के अनुसार, मृतक अजीत सिंह और मुख्य आरोपी सुजीत सिंह दोनों एक ही पेशेवर आपराधिक गिरोह के सक्रिय सदस्य थे, जो उत्तर बिहार के चंपारण और नेपाल के तराई इलाकों में लूट और कांट्रैक्ट किलिंग की वारदातों को अंजाम देते थे.
- घोड़ासहन गोल्ड रॉबरी का विवाद: करीब तीन वर्ष पहले इस गैंग ने पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन (Ghorasahan) बाजार में सोने की एक बड़ी दुकान से लाखों के जेवरात लूटे थे. उस लूटे गए सोने को ब्लैक मार्केट में बेचने से गैंग को लगभग 8 लाख रुपये नकद मिले थे. इस 8 लाख रुपये के हिस्से को लेकर अजीत और सुजीत के बीच लंबे समय से तलवारें खिंची हुई थीं.
- छौड़ादानो में जमीन की प्लॉटिंग: बाद में दोनों ने उस विवादित रकम को आपसी सहमति से भारत के छौड़ादानो क्षेत्र में जमीन खरीदने और प्लॉटिंग के रियल एस्टेट व्यवसाय में निवेश कर दिया था. लेकिन मुनाफे की हिस्सेदारी को लेकर दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि सुजीत ने पैसे हड़पने के लिए अजीत की पत्नी (अपनी प्रेमिका) के साथ मिलकर उसे हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया.
कई बड़े मर्डर केस से जुड़े हैं गैंग के तार
जिला प्रहरी कार्यालय बारा के अनुसार, यह कोई साधारण गैंग नहीं है. पुलिस की फाइलें बताती हैं कि इसी खतरनाक आपराधिक सिंडिकेट ने मोतिहारी जिले के छौड़ादानो के तत्कालीन उपप्रमुख पति रमेश यादव की भी दिनदहाड़े हत्या की थी, इसके अलावा बारा जिले में एक अन्य बड़े कारोबारी की हत्या में भी इस गिरोह की सीधी संलिप्तता रही है.
नेपाल पुलिस का अलर्ट
प्रहरी अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार रंजीत मुखिया से पूछताछ में कई अंतर-राज्यीय ठिकानों का पता चला है. मामले में फरार चल रहे मुख्य शूटर सुजीत सिंह, चंचल पांडे और मनीष सहनी की गिरफ्तारी के लिए नेपाल पुलिस और बिहार की मोतिहारी पुलिस एक संयुक्त (जॉइंट) ऑपरेशन चला रही है और जल्द ही पूरे सिंडिकेट को नेस्तनाबूद किया जाएगा.
रक्सौल से मनोज कुमार गुप्ता की रिपोर्ट
