मोतिहारी से शशि चंद्र तिवारी की रिपोर्ट
Motihari News: पूर्वी चंपारण जिले के मधुबन बाजार में गर्मी के मौसम के साथ ही आम की मांग काफी बढ़ गई है. पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध लखना और हिमसागर आम ने यहाँ के बाजार की रौनक बढ़ा दी है. इन दिनों बाजार में प्रतिदिन लगभग 150 क्विंटल आम की आवक हो रही है, जिससे फल कारोबार में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है. आम की नई खेप पहुंचने से जहां खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है, वहीं व्यापारियों के चेहरे भी खिल उठे हैं.
मधुबन आम मंडी: ताजा व्यापारिक स्थिति (Quick Info Table)
पश्चिम बंगाल से आ रहे आम और स्थानीय बाजार की वर्तमान स्थिति का पूरा विवरण इस प्रकार है:
| मुख्य बिंदु | बाजार और आपूर्ति का ताजा विवरण |
|---|---|
| प्रमुख किस्में | लखना और हिमसागर (पश्चिम बंगाल) |
| प्रतिदिन कुल आवक | लगभग 150 क्विंटल |
| थोक बाजार भाव | ₹3,000 से ₹4,000 प्रति क्विंटल |
| मुख्य सप्लायर गाड़ियां | रोजाना 4 से 5 गाड़ियां पहुंच रही हैं |
| मुख्य आपूर्ति क्षेत्र | मोतिहारी, चकिया, ढाका, तेतरिया, राजेपुर और शिवहर |
| स्थानीय आम की आवक | आगामी 10 दिनों के भीतर शुरू होने की संभावना |
थोक वितरण केंद्र के रूप में उभर रहा मधुबन बाजार
व्यापारियों के अनुसार, पश्चिम बंगाल से रोजाना चार से पांच गाड़ियों में आम की बड़ी खेप मधुबन पहुंच रही है. यहाँ से आम को अनलोड करने के बाद इसकी आपूर्ति मोतिहारी, चकिया, ढाका, तेतरिया, राजेपुर और पड़ोसी जिले शिवहर सहित आसपास के कई छोटे-बड़े बाजारों में की जा रही है. इस व्यापक सप्लाई नेटवर्क के कारण मधुबन क्षेत्र धीरे-धीरे उत्तर बिहार में आम के एक बड़े थोक वितरण केंद्र के रूप में उभर रहा है.
गुणवत्ता और आकार के आधार पर तय हो रहे हैं दाम
स्थानीय फल व्यवसायी विकास कुमार, जयकिशन कुशवाहा और अवधेश साह ने बाजार की स्थिति साझा की है. उनके अनुसार, वर्तमान में लखना और हिमसागर किस्म के आम थोक बाजार में ₹3,000 से ₹4,000 प्रति क्विंटल की दर से बेचे जा रहे हैं. आम की गुणवत्ता, ताजगी और उसके आकार के आधार पर कीमतों में मामूली अंतर देखा जा रहा है. बंगाल के इन आमों की खास मिठास और बेजोड़ स्वाद के कारण आम उपभोक्ताओं के बीच इसकी मांग लगातार बनी हुई है.
स्थानीय आम आने से कीमतों में आ सकती है नरमी
- 10 दिनों का इंतजार: व्यापारियों का मानना है कि आगामी दस दिनों के भीतर क्षेत्र के स्थानीय बगीचों से भी आम बाजार में आने लगेगा.
- कीमतों पर असर: स्थानीय आम की आवक बढ़ने के बाद बाजार में आम की कई अन्य विविध किस्में उपलब्ध होंगी, जिससे कीमतों में कुछ नरमी आने की पूरी संभावना है.
- रोजगार को गति: वर्तमान में सुबह से लेकर देर शाम तक फल मंडी और दुकानों पर खरीदारों की भारी चहल-पहल देखी जा रही है. बंगाल के आमों के इस आगमन से न केवल बाजार गुलजार है, बल्कि स्थानीय परिवहन और मजदूरी से जुड़े लोगों को भी इस सीजन में अच्छा रोजगार मिल रहा है.
