Motihari News: शहर के ऐतिहासिक गांधी मैदान की सुरक्षा व्यवस्था अब सवालों के घेरे में है. सुरक्षा के मद्देनजर बनाई गई मैदान की चारदीवारी अब खुद असुरक्षित हो गई है. आए दिन नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों द्वारा चारदीवारी में लगे लोहे की ग्रिल को काटकर चोरी करने की घटनाएं सामने आ रही हैं. देखरेख के अभाव में करोड़ों की सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाया जा रहा है, जिससे स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है.
चापाकल को भी बनाया निशाना, प्रशासन ने शुरू की मरम्मत
चोरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने मैदान परिसर में आम लोगों की प्यास बुझाने के लिए लगाए गए चापाकल को भी नहीं बख्शा. चोरों ने चापाकल के लोहे के महत्वपूर्ण हिस्सों को चुरा लिया, जिससे वह बेकार हो गया था. मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद डीएम के निर्देश पर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) ने सक्रियता दिखाई है. क्षतिग्रस्त किए गए सार्वजनिक हैंडपंपों की मरम्मत का कार्य पुनः प्रारंभ कर दिया गया है ताकि मैदान में आने वाले लोगों को परेशानी न हो.
देखरेख की कमी से बर्बाद हो रही संपत्ति
स्थानीय लोगों के अनुसार, हाल ही में उच्चस्तरीय सरकारी कार्यक्रमों को देखते हुए मैदान की भव्य मरम्मत और साज-सज्जा कराई गई थी. हालांकि, कार्यक्रमों के समाप्त होते ही सुरक्षा व्यवस्था ढीली पड़ गई. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि मैदान की स्थायी सुरक्षा के लिए गार्ड या पुलिस की तैनाती नहीं की गई, तो चारदीवारी और अन्य सुविधाओं का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा.
प्रशासन की नागरिकों से अपील
इस गंभीर स्थिति पर जिला प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए नागरिकों से सहयोग की अपील की है. प्रशासन का कहना है कि ये सार्वजनिक सुविधाएँ समाज की संपत्ति हैं और इन्हें सुरक्षित रखना हम सबकी साझी जिम्मेदारी है. पुलिस अब रात के समय मैदान के आसपास गश्ती बढ़ाने पर विचार कर रही है ताकि नशेड़ियों और लोहे के चोरों पर नकेल कसी जा सके.
मोतिहारी से अभिषेक कुमार की रिपोर्ट
