Motihari News: पूर्वी चंपारण जिले में श्रम संसाधन विभाग ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. विभाग ने ई-श्रम पोर्टल पर जिले के 15 लाख 69 हजार से अधिक असंगठित कामगारों का पंजीकरण कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है. इसके साथ ही ‘बिहार भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड’ के तहत निबंधित निर्माण मजदूरों की संख्या भी 1.50 लाख तक पहुंच गई है. तिरहुत प्रमंडल के सहायक श्रमायुक्त राकेश रंजन ने बताया कि इन सभी निबंधित कामगारों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और दुर्घटना अनुदान का लाभ सीधे बैंक खातों में दिया जा रहा है.
बाल श्रम उन्मूलन के लिए जागरूकता रथ रवाना
श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के निर्देश पर मोतिहारी में बाल श्रम के विरुद्ध व्यापक जन जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है. संयुक्त श्रम भवन से सहायक श्रमायुक्त राकेश रंजन, जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक अक्षय कुमार और सदर अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी काजल ने जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. मौके पर मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को बाल श्रम के खिलाफ शपथ भी दिलाई गई. यह अभियान 30 अप्रैल (बाल श्रम उन्मूलन दिवस) से शुरू होकर 12 जून (विश्व बाल श्रम निषेध दिवस) तक सभी प्रखंडों में लगातार चलेगा.
हजारों लाभार्थियों को मिली सहायता राशि, बाल श्रमिकों का पुनर्वास
बिहार शताब्दी सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 852 लाभुकों और प्रवासी मजदूर दुर्घटना योजना में 26 लोगों को लाभान्वित किया गया है. इसके अलावा संनिर्माण बोर्ड की योजनाओं से 8,515 लाभुकों को अनुदान दिया जा चुका है. विभाग बाल श्रमिकों के पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दे रहा है. वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में कुल 146 बाल श्रमिकों को विमुक्त कराकर उनका स्कूलों में नामांकन कराया गया. दोषी नियोजकों पर प्राथमिकी दर्ज कर जुर्माना वसूला गया है. सभी विमुक्त बच्चों को 3000 रुपये की तत्काल सहायता और मुख्यमंत्री राहत कोष से 25,000 रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) राशि दी गई है.
मोतिहारी से इन्तेजारुल हक की रिपोर्ट
