मोतिहारी से अमरेश वर्मा की रिपोर्ट
Motihari News: मोतिहारी में साइबर ठगों ने अब पुलिस अधिकारियों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है. जिले में पदस्थापित एक दारोगा से डीएलएड में एडमिशन कराने के नाम पर 3.53 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है.
महिला ने खुद को बताया एडमिशन एजेंट
साइबर ठगी के शिकार दारोगा नीतीश कुमार वर्तमान में जिले की तकनीकी शाखा में कार्यरत हैं. मूल रूप से वे नालंदा जिले के हरनौत गोनावां गांव के निवासी हैं.
उन्होंने साइबर थाने में दर्ज प्राथमिकी में बताया है कि एक महिला ने फोन कर खुद को बंदना शर्मा बताते हुए डीएलएड में एडमिशन कराने का भरोसा दिलाया. महिला ने अपना पता झारखंड के धनबाद स्थित झरिया अमतल बताया था.
पत्नी और रिश्तेदारों की दिलवाई परीक्षा
दारोगा ने बताया कि महिला के झांसे में आकर उन्होंने अपनी पत्नी, भाभी समेत अन्य रिश्तेदारों के डीएलएड एडमिशन के लिए बातचीत की.
आरोप है कि महिला के कहने पर उन्होंने 15 बार में कुल 3 लाख 53 हजार 500 रुपये मोबाइल नंबर 7004043046 पर ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए.
इसके बाद पत्नी, भाभी और अन्य चार रिश्तेदारों की परीक्षा भी दिलवाई गई, लेकिन बाद में किसी को सर्टिफिकेट नहीं मिला.
पैसा मांगने पर ब्लॉक किया नंबर
जब दारोगा ने मामले की जांच की तो महिला ने बताया कि परीक्षा फॉर्म कैंसिल हो गया है, इसलिए सर्टिफिकेट जारी नहीं हो सकता.
रुपये वापस मांगने पर अगले महीने लौटाने की बात कही गई, लेकिन बाद में महिला ने फोन उठाना बंद कर दिया और नंबर ब्लॉक कर दिया.
पीड़ित ने बताया कि महिला के पति से संपर्क करने पर उसने भी जल्द पैसा लौटाने का भरोसा दिया, लेकिन अब तक कोई रकम वापस नहीं मिली.
साइबर थाना इंस्पेक्टर राजीव सिन्हा ने बताया कि आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.
