मोतिहारी महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर भव्य और भक्तिमय कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का आयोजन कार्यक्रम प्रमुख मुकेश यादव के नेतृत्व में हुआ. भगवान श्रीकृष्ण की झांकी, भजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे विश्वविद्यालय परिसर को भक्तिमय बना दिया.
श्रीकृष्ण मानवता के मार्गदर्शक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक प्रमोद कुमार ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण केवल धार्मिक आस्था के प्रतीक नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के मार्गदर्शक हैं. उन्होंने कहा कि कण-कण में भगवान श्रीकृष्ण का वास है. उनका जीवन सत्य, धर्म, कर्म और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है.
युवाओं के लिए आज भी प्रासंगिक है गीता का संदेश
विश्वविद्यालय के प्रो. डॉ. अंजनी श्रीवास्तव ने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन संघर्षों के बीच सकारात्मक सोच और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देता है. श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया कर्म का संदेश आज भी प्रासंगिक है. उन्होंने कहा कि यह युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है.
प्रो. सरोज रंजन ने कहा कि जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का पर्व है. उन्होंने युवाओं से भारतीय परंपरा और संस्कृति से जुड़कर जीवन में अच्छे संस्कार अपनाने का आह्वान किया.
प्रेम, नीति और नेतृत्व का संगम हैं श्रीकृष्ण
डॉ. अनुपम ने कहा कि श्रीकृष्ण का व्यक्तित्व प्रेम, नीति, कूटनीति, नेतृत्व और कर्मयोग का अद्भुत संगम है. उनके जीवन से विपरीत परिस्थितियों में धैर्य रखने और सही निर्णय लेने की सीख मिलती है.
डॉ. कमलेश ने कहा कि आधुनिक समय में भी श्रीकृष्ण की प्रासंगिकता बहुत अधिक है. उनके उपदेश और मार्गदर्शन युवाओं को कर्म के रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं.
झांकी और भजनों से भक्तिमय हुआ परिसर
कार्यक्रम प्रमुख मुकेश यादव ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन भारतीय संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं.
कार्यक्रम में भगवान श्रीकृष्ण की झांकी, भजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहे. "जय श्रीकृष्ण" के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा. उपस्थित लोगों ने भगवान श्रीकृष्ण से समाज और राष्ट्र की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की. कार्यक्रम का कुशल संचालन मुकेश प्रसाद ने किया.
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