Urdu Library Motihari event: मोतिहारी के उर्दू लाइब्रेरी में 'इदारा अदब इस्लामी हिंद' के तत्वावधान में एक शानदार साहित्यिक एवं काव्य गोष्ठी (मुशायरा) का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में शहर के प्रतिष्ठित कवियों, साहित्यकारों, शिक्षाविदों और साहित्य प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया. कार्यक्रम की अध्यक्षता इदारा अदब के जिला अध्यक्ष सुहैल साहिल ने की, जबकि मंच संचालन का दायित्व जिला सचिव फसीह अख्तर ने कुशलतापूर्वक निभाया.
विचारोत्तेजक शोध पत्रों का हुआ वाचन
साहित्यिक सत्र की शुरुआत में अबू नसर निहालुद्दीन ने "अदब बराए जिंदगी" (जीवन के लिए साहित्य) विषय पर एक अत्यंत विचारोत्तेजक और तर्कपूर्ण लेख प्रस्तुत किया, जिसकी श्रोताओं ने काफी सराहना की. इसके पश्चात, इदारा अदब इस्लामी हिंद (बिहार) के सचिव ओजैर अंजुम द्वारा लिखित शोध पत्र "जोश मलीहाबादी की शायराना अज़मत और फिक्री जेहात" को शाहिद जमील ने प्रस्तुत किया. इस आलेख में जोश मलीहाबादी की क्रांतिकारी विचारधारा और काव्यात्मक सौंदर्य पर व्यापक प्रकाश डाला गया.
मुशायरे में उर्दू और हिंदी की रचनाओं की रही धूम
काव्य सत्र (मुशायरा) में प्रख्यात कवि बशर खगड़ियावी और फसीह अख्तर ने अपनी प्रभावशाली रचनाओं से महफिल में समां बांध दिया. हिंदी के प्रतिष्ठित कवि मदन प्रसाद ने अपनी सुंदर हिंदी कविता प्रस्तुत कर श्रोताओं की भरपूर वाहवाही लूटी. वहीं अजय क्रांति ने भी अपनी बेहतरीन रचनाओं से कार्यक्रम को खास बना दिया.
गणमान्य हस्तियों की मौजूदगी और भविष्य का संकल्प
गोष्ठी में खुर्शीद इमाम, शबीर अहमद और मोहम्मद सईद उर रहमान सहित शहर की कई प्रमुख शैक्षणिक व साहित्यिक हस्तियां मौजूद रहीं. अंत में वक्ताओं ने संकल्प लिया कि नई पीढ़ी को साहित्यिक प्रशिक्षण देने, भाषा व साहित्य के विकास और लेखकों के आपसी संबंधों को मजबूत करने के लिए ऐसी बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी.
