Bihar Scholarship Rules: मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत पूर्वी चंपारण में ऑनलाइन आवेदन और इंस्टीट्यूट नोडल ऑफिसर (INO) रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया तेज कर दी गयी है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि INO के रजिस्ट्रेशन और संस्थान स्तर पर आवेदन के सत्यापन के बाद ही पात्र विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि मिल सकेगी.
2026 में प्रथम श्रेणी से पास विद्यार्थियों से आवेदन
जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सहायक निदेशक मो. साजिद ने बताया कि योजना के तहत वर्ष 2026 में प्रथम श्रेणी से परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले पात्र छात्र-छात्राओं से ऑनलाइन आवेदन मांगा गया है. योजना का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय के मेधावी विद्यार्थियों को आर्थिक प्रोत्साहन देकर आगे की पढ़ाई में मदद करना है.
विभाग ने जिले के सभी संबंधित विद्यालयों और मदरसों को अपने अधीन आने वाले संस्थानों के इंस्टीट्यूट नोडल ऑफिसर का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से कराने का निर्देश दिया है.
आवेदन के बाद स्कूल में जमा करना होगा प्रिंट
जिन पात्र विद्यार्थियों ने अभी तक ऑनलाइन आवेदन नहीं किया है, उन्हें जल्द से जल्द फॉर्म भरने को कहा गया है. वहीं, जिन विद्यार्थियों ने आवेदन कर दिया है, उन्हें अपने ऑनलाइन आवेदन का प्रिंट और अपलोड किये गये जरूरी दस्तावेजों की हस्ताक्षरित प्रति संबंधित विद्यालय या मदरसा में जमा करनी होगी.
इसके बाद संस्थान स्तर पर आवेदन का सत्यापन किया जाएगा. विभाग ने संस्थानों को सत्यापन की प्रक्रिया जल्द पूरी कर आवेदन आगे भेजने का निर्देश दिया है, ताकि पोर्टल बंद होने से पहले सभी जरूरी प्रक्रिया पूरी हो सके.
कौन-कौन विद्यार्थी होंगे पात्र
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का बिहार का स्थायी निवासी होना जरूरी है. इसके साथ ही वह मुस्लिम, सिख, जैन, पारसी, बौद्ध या ईसाई अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित होना चाहिए. वर्ष 2026 की संबंधित परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण करना भी पात्रता की शर्त है.
इंटर यानी 12वीं की परीक्षा में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण केवल मुस्लिम छात्राएं इस योजना के लिए पात्र हैं. मौलवी परीक्षा के लिए सभी अल्पसंख्यक समुदायों की छात्राएं पात्र हैं, जबकि फौकानिया के लिए छात्र और छात्राएं दोनों आवेदन कर सकते हैं.
आवेदन में ये दस्तावेज जरूरी
ऑनलाइन आवेदन के दौरान आवासीय प्रमाण-पत्र, अंकपत्र, उत्तीर्ण प्रमाण-पत्र, रजिस्ट्रेशन कार्ड, आधार कार्ड और बैंक पासबुक या रद्द चेक की प्रति अपलोड करनी होगी. इसके अलावा फोटो और हस्ताक्षर की स्व-अभिप्रमाणित स्कैन कॉपी भी जरूरी होगी.
विभाग ने संबंधित संस्थानों को निर्देश दिया है कि आवेदन प्राप्त होने के बाद उसका सत्यापन समयबद्ध तरीके से करें. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र विद्यार्थी योजना के लाभ से वंचित न रहें.
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