मोतिहारी में मेडिकल स्टोर पर छापा, भारी मात्रा में नशीली दवाएं बरामद, दुकानदार गिरफ्तार

संग्रामपुर में ड्रग विभाग की छापेमारी में बिना लाइसेंस संचालित मेडिकल स्टोर से प्रतिबंधित दवाएं बरामद हुईं. दुकानदार की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कथित सप्लाई नेटवर्क सामने आया है, जिसकी जांच विभाग कर रहा है.

मोतिहारी में छापेमारी: पूर्वी चंपारण के संग्रामपुर में ड्रग विभाग की टीम ने बिना लाइसेंस संचालित मेडिकल स्टोर पर छापेमारी कर भारी मात्रा में प्रतिबंधित और नशीली दवाएं बरामद की हैं. मधुबनी मठ के समीप निशा मेडिकल स्टोर पर हुई कार्रवाई में दुकान संचालक के पास वैध लाइसेंस या जरूरी दस्तावेज नहीं मिले. मामले में दुकानदार कन्हैया कुमार पंडित को गिरफ्तार किया गया है.

मेडिकल स्टोर पर औचक छापेमारी

ड्रग इंस्पेक्टर सागर मल्ल सोनी के नेतृत्व में टीम ने निशा मेडिकल स्टोर पर औचक छापेमारी की. जांच के दौरान दुकान संचालक से दवा बिक्री से संबंधित वैध लाइसेंस और अन्य दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह इन्हें प्रस्तुत नहीं कर सका. इसके बाद टीम ने दुकान की सघन तलाशी ली.

ट्रामाडोल और डायजेपाम वाली दवाएं बरामद

तलाशी के दौरान टीम को ट्रामाडोल और डायजेपाम सॉल्ट युक्त दवाएं मिलीं. बरामद खेप में पायवेन स्पास प्लस, स्पास्मो-प्रॉक्सीवॉन प्लस और डायजेपाम इंजेक्शन जैसी दवाएं शामिल होने की बात सामने आई है. विभाग ने दवाओं को जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी.

दुकानदार गिरफ्तार, एनडीपीएस एक्ट में केस

कार्रवाई के दौरान दुकानदार कन्हैया कुमार पंडित को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया. वह राजपुर मठिया का निवासी बताया गया है. ड्रग इंस्पेक्टर की ओर से स्थानीय थाने में लिखित शिकायत देने के बाद आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. इसके बाद उसे जेल भेजे जाने की कार्रवाई की गई.

कोटवा की दो दुकानों से सप्लाई का दावा

प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस और ड्रग विभाग को दवाओं की कथित सप्लाई को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिली है. आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह नशीली दवाओं की खेप कोटवा स्थित अभिषेक ड्रग और गणेश मेडिकल से लेकर आता था. अब विभाग इन दुकानों और पूरी सप्लाई चेन की जांच कर रहा है.

कार्रवाई के बाद मेडिकल दुकानदारों में हड़कंप

अचानक हुई इस कार्रवाई से संग्रामपुर और आसपास के इलाकों में मेडिकल स्टोर संचालकों के बीच हड़कंप मच गया. बताया जा रहा है कि कार्रवाई की सूचना के बाद कुछ दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर चले गए. विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि प्रतिबंधित दवाओं की खरीद-बिक्री का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं. हालांकि, आरोपों और कथित सप्लाई नेटवर्क की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी.

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By Amresh kumar singh

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