यूरिया के लिए इफको बाजार में उमड़ी किसानों की भीड़, दुकानों पर कृषि समन्वयकों की तैनाती

खरीफ फसलों की बुआई के बीच यूरिया की मांग में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण इफको बाजार में किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. किसानों ने आरोप लगाया कि अनुमोदन के बावजूद उन्हें खाद के लिए भटकना पड़ रहा है और निजी दुकानों पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है.

Madhuban News: खरीफ फसलों की बुआई के बीच यूरिया की मांग बढ़ने से बुधवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित इफको बाजार में किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. सुबह करीब 10:15 बजे से ही बड़ी संख्या में किसान यूरिया और डीएपी उर्वरक लेने के लिए पहुंचने लगे. किसानों ने आरोप लगाया कि अनुमोदन मिलने के बावजूद कई दिनों से उन्हें खाद के लिए भटकना पड़ रहा है.

सुबह सात बजे से लाइन में लगे किसान

रानीपुर के तबरेज, कोईलहरा के मंसूर आलम, सेमरा के रंभू सहनी, फेनहारा के चकरपेटा निवासी शिवचरण सहनी, चैनपुर के दिलीप कुमार साह, कोईलहरा के मो. गफार तथा गुलाब खान के आसिफ खान सहित कई किसानों ने बताया कि वे सुबह सात बजे से ही इफको बाजार में लाइन लगाकर खड़े हैं.

किसानों का आरोप है कि कुछ निजी उर्वरक दुकानों पर यूरिया के साथ अन्य उत्पाद खरीदने का दबाव बनाया जाता है, जिससे एक बोरी उर्वरक की कीमत 400 से 500 रुपये तक पहुंच जाती है. इससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है.

इफको बाजार में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है खाद

इफको बाजार के प्रबंधक तेजस्वी कुमार ने बताया कि पिछले दो-तीन सप्ताह में करीब 2000 बैग यूरिया का वितरण किया जा चुका है. वर्तमान में भी करीब 800 बैग यूरिया तथा पर्याप्त मात्रा में डीएपी उपलब्ध है. किसानों को कृषि विभाग से प्राप्त अनुमोदन के अनुसार ही उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है.

सभी उर्वरक दुकानों पर बढ़ाई गई निगरानी

प्रखंड कृषि कार्यालय में जिला कृषि पदाधिकारी (डीएओ) की वर्चुअल बैठक के बाद प्रखंड कृषि पदाधिकारी (बीएओ) मुनेश्वर प्रसाद सिंह ने कृषि समन्वयकों और किसान सलाहकारों के साथ समीक्षा बैठक की. उन्होंने बताया कि सभी उर्वरक दुकानों पर कृषि समन्वयकों और किसान सलाहकारों की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है.

उन्होंने दुकानदारों को पॉश मशीन, वितरण पंजी और स्टॉक रजिस्टर अद्यतन रखने तथा उर्वरक वितरण में पूरी पारदर्शिता बरतने का निर्देश दिया.


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