Groom Dies in Mandap: शहनाई की गूंज, शादी की भव्य तैयारियां और खुशियों से सराबोर माहौल. हर तरफ मंगल गीत गाए जा रहे थे और दुल्हन के हाथों में पिया के नाम की मेहंदी रच चुकी थी. लेकिन किसे पता था कि नियति ने कुछ और ही मंजूर कर रखा है. कुछ ही पलों में शादी की ये खुशियां चीख-पुकार और गहरे मातम में बदल गई. बिहार के मोतिहारी जिले के रामगढ़वा में एक ऐसा हृदयविदारक वाकया सामने आया है, जहां सात फेरे लेने से ठीक पहले दूल्हे की अचानक मौत हो गई. इस घटना के बाद से दोनों परिवारों में कोहराम मच गया है.
धूमधाम से आई थी बारात, मंदिर में सजी थी महफिल
मिली जानकारी के अनुसार, मोतिहारी जिले के मझौलिया थाना क्षेत्र अंतर्गत सरिसवा पंचायत के भरवलिया (वार्ड संख्या-6) निवासी स्वर्गीय जगदीश शर्मा के 25 वर्षीय पुत्र शक्तिनाथ शर्मा की शादी तय हुई थी. शक्तिनाथ की बारात बेहद धूमधाम और गाजे-बाजे के साथ पूर्वी चंपारण के रामगढ़वा थाना क्षेत्र के चिकनी गांव पहुंची थी. यहाँ संतोष शर्मा की पुत्री रघुनी कुमारी के साथ रामगढ़वा स्थित प्रसिद्ध जानकी मंदिर में विवाह की रस्मों का आयोजन होना था. दोपहर करीब दो बजे बारात का जोरदार स्वागत हुआ और करीब तीन बजे शादी की रस्में शुरू की गईं. दूल्हा और दुल्हन पारंपरिक विवाह के जोड़े में सज-धजकर मंडप में बैठ चुके थे.
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अचानक पेट में उठा तेज दर्द, अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
मंडप में पूजा-पाठ चल रही थी और कुछ ही देर में दोनों के सात फेरे शुरू होने वाले थे. इसी बीच अचानक दूल्हे शक्तिनाथ के पेट में असहनीय तेज दर्द शुरू हो गया. दूल्हे की हालत बिगड़ते देख मंडप में अफरा-तफरी मच गई. परिजन शादी की रस्मों को बीच में ही छोड़कर उसे आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी निजी अस्पताल ले गए. वहां चिकित्सकों ने युवक की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए तुरंत रक्सौल स्थित एसआरपीएस (SRPS) अस्पताल रेफर कर दिया. हालांकि, अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने गहन जांच की और शक्तिनाथ को मृत घोषित कर दिया.
दुल्हन की मेहंदी रह गई अधूरी, सदमे में डूबा पूरा इलाका
दूल्हे की मौत की खबर जैसे ही शादी समारोह में पहुंची, वहां सन्नाटा पसर गया. पल भर पहले जहाँ मंगल गीत और हंसी-मजाक का दौर चल रहा था, वहां अब सिर्फ चीख-पुकार सुनाई दे रही थी. दुल्हन रघुनी कुमारी के हाथों की मेहंदी अधूरी रह गई और जो परिवार बेटी की विदाई की तैयारी कर रहा था, वह गहरे गम में डूब गया. मृतक के बड़े भाई कर्मा शर्मा ने अत्यंत भावुक होते हुए बताया कि शक्तिनाथ तीन भाइयों में सबसे छोटा था. उनके माता-पिता का निधन कुछ वर्ष पहले ही हो चुका था. बड़े भाइयों ने बड़े अरमानों से उसकी शादी तय की थी, लेकिन नियति के क्रूर मजाक ने सब कुछ उजाड़ दिया.
चमत्कार की उम्मीद में रोते रहे परिजन
इस दर्दनाक घटना के बाद मृतक शक्तिनाथ के पैतृक गांव भरवलिया में भी शोक की लहर दौड़ गई है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे अभी भी इस गहरे सदमे को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं. घटना के बाद भी परिवार के लोग एक आखिरी उम्मीद लगाए बैठे थे. उनका कहना था कि शक्तिनाथ का शरीर अभी भी गर्म है, शायद कोई चमत्कार हो जाए और उसकी सांसें वापस लौट आएं. लेकिन डॉक्टरों द्वारा पुष्टि किए जाने के बाद नियति के आगे सब बेबस नजर आए. इस बेहद दुखद और हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है.
गणेश वर्मा की रिपोर्ट
