Motihari News: घोड़ासहन. घोड़ासहन रेलवे स्टेशन पर प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की वर्षों पुरानी मांग अब पूरी होने की उम्मीद जगा रही है. रेलवे की ओर से करायी गयी फिजिबिलिटी जांच में स्टेशन को ट्रेन ठहराव के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप पाया गया है. जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद स्थानीय यात्रियों और लोगों में उत्साह है. अब एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर रेलवे के अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है.
Ghorasahan News: फिजिबिलिटी जांच में मानकों पर खरा उतरा स्टेशन
एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता पुरुषोत्तम चौधरी की ओर से पहल की गयी थी. इसके बाद रेलवे की ओर से स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव को लेकर फिजिबिलिटी जांच करायी गयी.
जांच के दौरान स्टेशन की यात्री उपयोगिता और प्रस्तावित ट्रेनों के लिए संभावित यात्री संख्या से जुड़े आंकड़ों का अध्ययन किया गया. रिपोर्ट में घोड़ासहन स्टेशन को ट्रेन ठहराव के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप बताया गया है.
छह महीने में रोजाना 1149 यात्रियों का औसत आवागमन
रेलवे की जांच रिपोर्ट में फरवरी से जुलाई 2026 के बीच के आंकड़ों का अध्ययन किया गया. इस अवधि में घोड़ासहन स्टेशन से प्रतिदिन औसतन 1149 यात्रियों का आवागमन दर्ज किया गया.
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टेशन से बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है. ऐसे में प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव से यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है.
प्रस्तावित ट्रेनों के लिए 44 यात्रियों की संभावित उपलब्धता
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित एक्सप्रेस ट्रेनों में स्लीपर और एसी श्रेणी के यात्रियों को मिलाकर प्रति ट्रेन औसतन 44 यात्रियों की संभावित उपलब्धता बतायी गयी है.
रेलवे के निर्धारित मानक के अनुसार किसी ट्रेन के ठहराव के लिए 40 यात्रियों का मानक तय है. इस लिहाज से घोड़ासहन स्टेशन पर प्रस्तावित एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव का यात्री संख्या वाला मापदंड पूरा होता है.
एनएसजी-5 श्रेणी के स्टेशन की यात्री उपयोगिता भी महत्वपूर्ण
रिपोर्ट में घोड़ासहन स्टेशन को एनएसजी-5 श्रेणी का स्टेशन बताया गया है. जांच में स्टेशन की यात्री उपयोगिता को भी महत्वपूर्ण माना गया है.
यात्री संख्या और संभावित यात्री उपलब्धता के आंकड़े ट्रेन ठहराव के प्रस्ताव को मजबूत आधार देते हैं. इससे स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि रेलवे की ओर से प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लिया जा सकता है.
वर्षों पुरानी मांग अब अंतिम फैसले के करीब
घोड़ासहन स्टेशन पर प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग लंबे समय से की जा रही है. सामाजिक कार्यकर्ता पुरुषोत्तम चौधरी की पहल के बाद रेलवे स्तर पर फिजिबिलिटी जांच कराये जाने से इस मांग को आगे बढ़ने का आधार मिला है.
फिलहाल जांच रिपोर्ट के बाद रेलवे के अंतिम निर्णय का इंतजार है. स्थानीय यात्रियों और लोगों को उम्मीद है कि निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले घोड़ासहन स्टेशन पर जल्द प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को मंजूरी मिल सकती है.
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