Bihar Governor in Motihari: मोतिहारी के बापू प्रेक्षागृह में आयोजित तीन दिवसीय कृषि, पशुपालन एवं मत्स्यकी मेले के दूसरे दिन बुधवार को बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन ने जनसमूह और किसानों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने चंपारण सत्याग्रह और किसान आंदोलन के ऐतिहासिक महत्व को याद करते हुए कहा कि महात्मा गांधी के मोतिहारी आगमन के मूल में किसान ही थे. पंडित राजकुमार शुक्ल के विशेष आग्रह पर गांधी मोतिहारी पहुंचे थे और यहीं से ऐतिहासिक सत्याग्रह की नींव पड़ी थी.
किसानों की भूमिका को बताया अहम
राज्यपाल ने कहा कि चंपारण की धरती से शुरू हुआ यह जनांदोलन आगे चलकर देश के स्वतंत्रता संग्राम को निर्णायक दिशा देने वाला साबित हुआ. उन्होंने किसानों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि अन्नदाता की ताकत केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान है.
डिफेंस इनक्लेव का शिलान्यास
कार्यक्रम से पहले राज्यपाल ने मोतिहारी में तीन करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले डिफेंस इनक्लेव का विधिवत शिलान्यास किया. उन्होंने कहा कि बदलते समय में विकास के साथ युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराना भी जरूरी है.
सत्याग्रह से विकासाग्रह की ओर बढ़ रहा चंपारण
स्थानीय सांसद एवं रक्षा मामलों की स्थायी समिति के अध्यक्ष राधा मोहन सिंह ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए कहा कि चंपारण अब सत्याग्रह से विकासाग्रह की ओर लगातार बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि मोतिहारी में पहली बार इतने बड़े स्तर पर आयोजित यह कार्यक्रम युवाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा.
इंफ्रास्ट्रक्चर से बदल रही तस्वीर
राधा मोहन सिंह ने कहा कि क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम हो रहा है. इससे मोतिहारी की पहचान को नई दिशा मिल रही है. उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रयासों से बिहार और मोतिहारी विकास के नए पथ पर आगे बढ़ रहे हैं.
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