Bihar Ration Card Eligibility: अगर आप राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत मुफ्त राशन ले रहे हैं तो पात्रता के नियमों को जानना जरूरी है. खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव दीपक कुमार ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर पात्र और अपात्र राशन कार्डधारकों की पहचान को लेकर निर्देश दिए हैं.
पत्र के अनुसार, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ केवल पात्र परिवारों को मिलना चाहिए. गलत जानकारी देकर योजना का लाभ लेने की स्थिति में दंडात्मक कार्रवाई के साथ राशि की रिकवरी भी की जा सकती है. शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अपात्रता के मानक अलग-अलग हैं.
मोतिहारी में प्रक्रिया शुरू, डीएम ने दिए निर्देश
जिला आपूर्ति पदाधिकारी विजय बहादुर सिंह ने बताया कि विभागीय सचिव के पत्र के आलोक में आवश्यक प्रक्रिया चल रही है. डीएम सौरभ सुमन यादव ने भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं.
अब पात्र और अपात्र राशन कार्डधारकों की पहचान निर्धारित मानकों के आधार पर की जाएगी.
ग्रामीण इलाकों में किन परिवारों को माना जाएगा अपात्र?
ग्रामीण क्षेत्रों में मोटर चालित तिपहिया या चार पहिया वाहन रखने वाले परिवार पात्रता से बाहर होंगे. इसी तरह मशीन से चलने वाले तीन या चार पहिया कृषि उपकरण रखने वाले परिवार भी अपात्रता के दायरे में आएंगे.
परिवार में सरकारी सेवक होने, सरकार में पंजीकृत गैर-कृषि उद्योग होने, परिवार के किसी सदस्य की मासिक आय 10 हजार रुपये से अधिक होने, आयकर या पेशा कर देने वाले परिवारों को भी पात्रता से बाहर रखा गया है.
सभी कमरों में पक्की दीवार और छत वाले तीन या उससे अधिक कमरों के मकान वाली गृहस्थी भी अपात्र मानी जाएगी.
भूमि के मामले में कम से कम एक सिंचाई उपकरण के साथ 2.5 एकड़ या इससे अधिक सिंचित भूमि, दो या अधिक फसल मौसम के लिए पांच एकड़ या इससे अधिक सिंचित भूमि और कम से कम एक सिंचाई उपकरण के साथ 7.5 एकड़ या इससे अधिक भूमि रखने वाले परिवार भी पात्रता से बाहर होंगे.
शहर में बाइक और फ्रिज भी अपात्रता के मानक में
शहरी क्षेत्र में स्वयं के स्वामित्व वाला तीन या उससे अधिक कमरों का पक्की छत वाला मकान रखने वाली गृहस्थी को अपात्रता के दायरे में रखा गया है.
इसके अलावा दो पहिया वाहन, रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन, चार पहिया वाहन या एयर कंडीशनर रखने वाले परिवारों को भी निर्धारित मानकों के तहत राशन की पात्रता से बाहर माना जाएगा.
शहर में किन लोगों को खाद्य सुरक्षा योजना में रखा गया है?
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के तहत शहरी क्षेत्रों में भिखारी, कूड़ा चुनने वाले, घरेलू श्रमिक, फुटपाथी दुकानदार, मोची, फेरीवाले और गली-मोहल्लों में सेवाएं देने वाले लोगों को पात्र श्रेणियों में शामिल किया गया है.
इसके अलावा निर्माण मजदूर, नलसाज, राजमिस्त्री, पेंटर, वेल्डर, सुरक्षा प्रहरी, कुली, सफाईकर्मी, माली, शिल्पकार, हस्तशिल्प कर्मी, दर्जी, चालक, परिचालक, खलासी और रिक्शा चालक भी इस श्रेणी में शामिल हैं.
दुकान कर्मी, सहायक, अनुसेवक, परिचर, बैरा, बिजली मिस्त्री, मैकेनिक, असेंबलर, मरम्मत करने वाले, धोबी और चौकीदार जैसे कामगारों को भी निर्धारित पात्रता शर्तों के तहत खाद्य सुरक्षा का लाभ मिल सकता है.
शहरी परिवारों को करनी होगी ये स्व-घोषणा
शहरी क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा के लिए पात्र परिवारों को स्व-घोषणा करनी होगी कि परिवार का कोई सदस्य सरकारी सेवा में नहीं है और किसी सदस्य के नाम पर गैर-कृषि उद्यम पंजीकृत नहीं है.
यह भी घोषित करना होगा कि परिवार में कोई आयकर या पेशा करदाता नहीं है और किसी सदस्य की मासिक आय 20 हजार रुपये से अधिक नहीं है.
सरकारी सेवा के दायरे में केंद्र और राज्य सरकार, लोक उपक्रम, स्थानीय निकाय और स्वशासी संस्थाओं में नियमित वेतनमान पर कार्यरत कर्मचारियों को शामिल किया गया है.
निर्धारित मानकों के आधार पर अब जिले में राशन कार्डधारकों की पात्रता की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. गलत जानकारी देकर लाभ लेने के मामले सामने आने पर विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई और रिकवरी की जा सकती है.
