मोतिहारी सदर अस्पताल में मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने चार नए चिकित्सकों की तैनाती की है. अलग-अलग विशेषज्ञता वाले इन डॉक्टरों के योगदान देने के बाद अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है. खास बात यह है कि नए ऑर्थोपेडिक डॉक्टर की तैनाती से पिछले कई महीनों से बंद पड़े ऑर्थो ओटी के दोबारा शुरू होने की संभावना भी बढ़ गई है.
चार अलग-अलग विभागों में हुई नियुक्ति
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सदर अस्पताल में सर्जरी, ऑर्थोपेडिक, पैथोलॉजी और मेडिसिन विभाग में एक-एक चिकित्सक की नियुक्ति की गई है. इससे अस्पताल में आने वाले मरीजों को अलग-अलग विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, चारों नवनियुक्त डॉक्टरों ने अपना योगदान दे दिया है. अब उनकी ड्यूटी तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
एक-दो दिन में तैयार होगा ड्यूटी रोस्टर
सदर अस्पताल अधीक्षक डॉ. एसएन सत्यार्थी ने बताया कि सभी चार डॉक्टर अस्पताल में योगदान दे चुके हैं. अगले एक से दो दिनों में इन चिकित्सकों का ड्यूटी रोस्टर तैयार कर लिया जाएगा. रोस्टर तैयार होने के बाद डॉक्टरों को निर्धारित विभाग और ड्यूटी के अनुसार तैनात किया जाएगा.
अस्पताल प्रशासन को उम्मीद है कि नई तैनाती के बाद मरीजों को इलाज के लिए पहले की तुलना में बेहतर चिकित्सकीय सुविधा मिल सकेगी.
लंबे समय से बंद है ऑर्थो ओटी
नए ऑर्थोपेडिक डॉक्टर की तैनाती से अस्पताल के ऑर्थोपेडिक विभाग में भी गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है. दरअसल, सदर अस्पताल का ऑर्थोपेडिक ऑपरेशन थिएटर यानी ऑर्थो ओटी पिछले कई महीनों से बंद पड़ा है.
विशेषज्ञ डॉक्टर की कमी के कारण हड्डी से संबंधित ऑपरेशन प्रभावित हो रहे थे. ऐसे में मरीजों को इलाज के लिए दूसरी जगहों का रुख करना पड़ता था. अब ऑर्थोपेडिक विभाग में डॉक्टर की तैनाती के बाद अस्पताल में ही हड्डी से जुड़े ऑपरेशन शुरू होने की उम्मीद जगी है.
स्थानीय मरीजों को मिल सकती है बड़ी राहत
ऑर्थो ओटी शुरू होने पर हड्डी से संबंधित ऑपरेशन कराने वाले मरीजों को सबसे अधिक राहत मिलने की संभावना है. उन्हें इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों पर निर्भरता कम हो सकती है. हालांकि, ओटी को दोबारा शुरू करने के लिए जरूरी व्यवस्थाओं और ड्यूटी रोस्टर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सेवा नियमित रूप से शुरू होगी.
यह भी पढे़ं:
मकान की छत पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगाने पर कितना टैक्स बचेगा? जानें 5 प्रतिशत छूट का नियम
