मोतिहारी के किसानों के लिए जरूरी खबर, 4093 फार्मर रजिस्ट्रेशन मामले अटके, बढ़ी परेशानी

मोतिहारी में फार्मर रजिस्ट्रेशन और लो नेम मैच स्कोर के 4093 मामले लंबित हैं. सत्यापन और अनुमोदन की धीमी रफ्तार से आवेदकों का काम प्रभावित हो सकता है. कल्याणपुर, सुगौली और नरकटिया में सबसे ज्यादा मामले अटके हैं.

मोतिहारी फार्मर रजिस्ट्रेशन: जिले में फार्मर रजिस्ट्रेशन के साथ लो नेम मैच स्कोर वाले मामलों के सत्यापन और अनुमोदन की रफ्तार धीमी है. जिले के 27 अंचलों में ऐसे कुल 4093 मामले अब भी लंबित हैं. इनमें 2079 मामले केसी स्तर पर सत्यापन के लिए, जबकि 2014 मामले आरओ और सीओ स्तर पर अनुमोदन के लिए अटके हुए हैं. बड़ी संख्या में मामले लंबित रहने से संबंधित आवेदकों का काम प्रभावित होने की संभावना है.

अंचलवार जारी आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक मामले कल्याणपुर अंचल में लंबित हैं. यहां कुल 533 मामलों का निष्पादन होना बाकी है. इसमें 97 मामले केसी स्तर पर सत्यापन के लिए और 436 मामले आरओ व सीओ स्तर पर अनुमोदन के लिए लंबित हैं.

ब्लॉक वाइज पेंडिंग फार्मर रजिस्ट्रेशन का लिस्ट

कल्याणपुर के बाद सुगौली और नरकटिया में ज्यादा मामले

लंबित मामलों के मामले में सुगौली दूसरे स्थान पर है, जहां 426 मामले अब भी अटके हैं. इसके बाद नरकटिया में 360, केसरिया में 286 और संग्रामपुर में 281 मामले लंबित हैं. इन अंचलों में बड़ी संख्या में आवेदनों का निष्पादन नहीं होने से आवेदकों की परेशानी बढ़ सकती है.

जिला मुख्यालय से जुड़े मोतिहारी अंचल की स्थिति भी बेहतर नहीं है. यहां कुल 218 मामले लंबित हैं. इनमें 81 मामले सत्यापन और 137 मामले आरओ व सीओ स्तर पर अनुमोदन की प्रक्रिया में अटके हैं.

कोटवा, मेहसी और अरेराज में भी लंबित हैं सैकड़ों मामले

कोटवा अंचल में कुल 260 मामले लंबित हैं, जबकि मेहसी में 202 और अरेराज में 195 मामलों का निष्पादन बाकी है. चिरैया अंचल में भी 142 मामले लंबित हैं. ऐसे में जिले के कई अंचलों में फार्मर रजिस्ट्रेशन से जुड़े मामलों को तेजी से निपटाने की जरूरत महसूस की जा रही है.

आंकड़ों से यह भी साफ है कि सिर्फ प्रारंभिक सत्यापन स्तर पर ही नहीं, बल्कि उसके बाद आरओ और सीओ स्तर पर भी बड़ी संख्या में मामले अटके हैं.

आरओ और सीओ स्तर पर अटके 2014 मामले

जिले में कुल 2014 मामले आरओ और सीओ स्तर पर अनुमोदन के लिए लंबित हैं. अकेले कल्याणपुर में 436 मामले इस स्तर पर अटके हुए हैं. सुगौली में 224, नरकटिया में 184 और संग्रामपुर में 182 मामले आरओ व सीओ के अनुमोदन का इंतजार कर रहे हैं.

वहीं, सबसे कम लंबित मामले मधुबन में 15 हैं. घोड़ासहन और पकड़ीदयाल में 16-16, जबकि तेतरिया में 23 मामले लंबित हैं. जिले में 4093 मामलों के लंबित रहने के बाद अब अंचलवार समीक्षा कर इनके त्वरित निष्पादन की जरूरत महसूस की जा रही है.

एक नजर में लंबित मामले

  • कुल लंबित मामले : 4093
  • केसी स्तर पर लंबित : 2079
  • आरओ व सीओ स्तर पर लंबित : 2014
  • सबसे अधिक लंबित : कल्याणपुर, 533 मामले

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लेखक के बारे में

By सामंत कुमार गौतम

सामंत वर्ष 2013 से यानी पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वाणिज्य (बी.कॉम) और कानून (एलएलबी) स्नातक सामंत को समाचार संकलन, संपादन, कंप्यूटर तकनीक और समाचार प्रबंधन का व्यापक अनुभव है. ये पत्रकारिता के साथ-साथ समाचारों के तकनीकी व प्रबंधकीय कार्यों में विशेष रुचि रखते हैं.

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