मोतिहारी, चिरैया से जितेन्द्र कुमार की रिपोर्ट
Motihari News: चिरैया में जेल में बंद एक आरोपी को जमानत दिलाने के लिए फर्जी सर्टिफिकेट जारी करने के मामले में एक हेडमास्टर और शिक्षिका को हिरासत में लिया गया है. मामले का खुलासा कोर्ट में सुनवाई के दौरान हुआ.
जमानत दिलाने के लिए बनाया गया फर्जी रिकॉर्ड
मामला चिरैया प्रखंड स्थित राजकीय उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय परेवा का है. हिरासत में लिए गए सुबोध कुमार पाठक विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक के हेडमास्टर हैं, जबकि रिभा कुमारी सहायक शिक्षिका हैं.
आरोप है कि दोनों ने मिलकर बाइक चोरी और लड़की के अपहरण जैसे मामलों में केंद्रीय कारा मोतिहारी में बंद आरोपी भोला कुमार उर्फ भोला साह को नाबालिग दिखाने के लिए फर्जी सर्टिफिकेट जारी किया.
नामांकन पंजी में छेड़छाड़ का खुलासा
प्रस्तुत दस्तावेज में आरोपी की जन्मतिथि 15 मई 2006 दर्ज की गई थी.
सुनवाई के दौरान जब स्कूल के नामांकन पंजी और आरोपी के शपथ पत्र का मिलान किया गया तो कई गड़बड़ियां सामने आईं. जांच में पाया गया कि नामांकन पंजी वर्ष 2014 में लाल स्याही से बंद किया जा चुका था, लेकिन बाद में अलग स्याही से तीन नए नाम जोड़े गए थे. इनमें भोला कुमार का नाम भी शामिल था.
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान लिया हिरासत में
किशोर न्याय परिषद ने मामले को गंभीर मानते हुए सुनवाई के दौरान ही हेडमास्टर और शिक्षिका को हिरासत में ले लिया. बाद में उन्हें आवश्यक कार्रवाई के लिए मोतिहारी नगर थाना के हवाले कर दिया गया.
किशोर न्याय परिषद के बेंच क्लर्क मो. शाहिद ने नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है.
मामले में आरोपी भोला कुमार, हेडमास्टर और शिक्षिका को नामजद किया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
