मुख्यमंत्री जनसुनवाई में पहुंची शिकायत तो मचा हड़कंप, 102 एंबुलेंस कर्मियों की डिग्रियां होंगी जांच

मुख्यमंत्री जनसुनवाई में शिकायत पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है. मोतिहारी में 102 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की सत्यता की जांच का आदेश दिया गया है. सरकारी क्वार्टरों के अनधिकृत कब्जे का मामला भी सामने आया है.

Motihari News: मोतिहारी. सदर अस्पताल परिसर के सरकारी क्वार्टर में बिना अनुमति के रह रहे 102 एंबुलेंस सेवा के क्लस्टर कोऑर्डिनेटर के मामले में सिविल सर्जन ने संज्ञान लिया है. मुख्यमंत्री जनसुनवाई कार्यक्रम में शिकायत पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू की है. शिकायत में 102 एंबुलेंस सेवा के क्लस्टर कोऑर्डिनेटर समेत सभी अटेंडेंट के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की सत्यता पर भी सवाल उठाए गए हैं. मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन सह सदस्य सचिव, जिला स्वास्थ्य समिति डॉ. दिलीप कुमार ने जेन प्लस प्राइवेट लिमिटेड, पटना के प्रोजेक्ट हेड को आधिकारिक पत्र जारी किया है.

सरकारी क्वार्टर में बिना अनुमति रहने के मामले में कार्रवाई

सदर अस्पताल परिसर स्थित सरकारी क्वार्टर में बिना अनुमति के रहने की शिकायत मुख्यमंत्री जनसुनवाई तक पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले में कार्रवाई शुरू की है.

सिविल सर्जन ने संबंधित एजेंसी को मामले की जांच कर आवश्यक रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. विभाग की ओर से सरकारी संपत्ति के अनधिकृत इस्तेमाल और नियमों के उल्लंघन को लेकर जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू की गयी है.

102 एंबुलेंस कर्मियों के प्रमाण पत्रों की होगी गहन जांच

शिकायत के आधार पर 102 एंबुलेंस सेवा से जुड़े सभी कर्मचारियों और क्लस्टर लीडर्स के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की जांच के आदेश दिए गए हैं.

जारी पत्र के अनुसार, संबंधित कर्मियों की डिग्रियों की जांच रिपोर्ट निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा. इसके लिए सिविल सर्जन कार्यालय के लिपिक अनिमेष कुमार और संबंधित अधिकारी को रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.

सहयोग शिविर पोर्टल पर अपलोड करनी होगी जांच रिपोर्ट

स्वास्थ्य विभाग की ओर से कहा गया है कि प्रमाण पत्रों की जांच के बाद तैयार रिपोर्ट को सहयोग शिविर पोर्टल पर समय से अपलोड किया जाना है.

इसके लिए संबंधित एजेंसी और अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है. विभाग अब 102 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की सत्यता की जांच करेगा.

एजेंसी से जल्द मांगी गयी रिपोर्ट

सिविल सर्जन सह सदस्य सचिव, जिला स्वास्थ्य समिति डॉ. दिलीप कुमार ने जेन प्लस प्राइवेट लिमिटेड, पटना के प्रोजेक्ट हेड को पत्र भेजकर मामले में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.

एजेंसी को अपने स्तर से सभी संबंधित कर्मियों के प्रमाण पत्रों की जांच कर रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने को कहा गया है. सरकारी क्वार्टर में रहने के मामले में भी नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ायी जा रही है.


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By Amresh kumar singh

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