- जिला कृषि कार्यालय के पास हाईवे पर वाहनों के फंसने से बढ़ी परेशानी - स्थानीय लोगों ने कहा- टैक्स बढ़ा, लेकिन सुविधाएं नहीं मिलीं मोतिहारी. लगातार हो रही बारिश ने नगर निगम की तैयारियों और जलनिकासी व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी है. शहर के गली-मोहल्लों से लेकर एनएच-27 तक जलजमाव की गंभीर स्थिति बनी हुई है. जिला कृषि कार्यालय के समीप एनएच-27 पर सड़क झील में तब्दील हो गई है. पानी अधिक होने के कारण दोपहिया और छोटे चारपहिया वाहन आधे तक पानी में डूबकर गुजर रहे हैं, जबकि कई वाहन गड्ढों में फंसकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं. शहर के जमला रोड, मठिया ईदगाह पथ में राहगीरों भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.स्कूली बच्चे व महिलाओं का राह चलना कठिन हो गया है. शहर के कई वार्डों में भी जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश का पानी सड़कों और गलियों में जमा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगह सड़क से ऊंचे नाले बना दिए गए हैं, जिसके कारण पानी नालों में जाने के बजाय सड़कों पर ही जमा रहता है.कारण यह बताया जा रहा है कि कुछ इलाकों में नाला का निर्माण पानी बहाव की दिश में न कर जैसे तैसे बनाया जा रहा है. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर निगम द्वारा सालभर करोड़ों रुपये की योजनाओं, सफाई और जलनिकासी के नाम पर टेंडर के माध्यम से कार्य कराए जाते हैं, लेकिन महज तीन दिन की बारिश ने सभी दावों की पोल खोलकर रख दी है. लोगों ने कहा कि जब मोतिहारी नगर परिषद था, तब टैक्स कम था और हालात भी लगभग ऐसे ही थे. नगर निगम बनने के बाद टैक्स दोगुना हो गया, लेकिन जलनिकासी, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ. नागरिकों ने नगर निगम प्रशासन से जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने, ऊंचे बने नालों की तकनीकी खामियों को दूर करने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में तत्काल राहत कार्य चलाने की मांग की है.
तीन दिन की बारिश में डूबा शहर,जलजमाव ने खोली नगर निगम की तैयारियों की पोल
मोतिहारी में लगातार बारिश से एनएच-27 समेत कई सड़कें जलमग्न हो गई हैं। नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खुल गई है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है।

हाइवे पर लगे पानी में फल का खाली कैरेट लुढ़काता व्यक्ति | Prabhat Khabar Network