मोतिहारी से सामंत कुमार गौतम की रिपोर्ट
Bihar Anganwadi News: पूर्वी चंपारण में भीषण गर्मी के बीच बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक नया सवाल खड़ा हो गया है. जिले के सरकारी, निजी और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में 21 जून तक अवकाश घोषित कर दिया गया है, लेकिन आईसीडीएस विभाग के तहत संचालित 5598 आंगनबाड़ी केंद्र सामान्य दिनों की तरह खुले हुए हैं. ऐसे में तीन से छह वर्ष तक के नौनिहालों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है.
जिले में लगातार बढ़ते तापमान के बावजूद आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है और न ही अवकाश की घोषणा हुई है.
स्कूलों में छुट्टी, आंगनबाड़ी में नियमित संचालन
भीषण गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी सरकारी, निजी और कस्तूरबा विद्यालयों में 21 जून तक छुट्टी घोषित कर रखी है. वहीं दूसरी ओर आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति जारी है.
इस स्थिति को लेकर अभिभावकों का कहना है कि जब बड़े बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूलों में अवकाश दिया जा सकता है, तो छोटे बच्चों के लिए भी विशेष व्यवस्था होनी चाहिए.
अभिभावकों ने उठाई मांग
कई अभिभावकों का कहना है कि तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चे गर्मी और लू के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं. ऐसे में जिला प्रशासन और आईसीडीएस विभाग को आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में बदलाव या अस्थायी अवकाश पर विचार करना चाहिए. अभिभावकों का तर्क है कि अत्यधिक गर्मी के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.
आईसीडीएस विभाग ने क्या कहा
प्रभारी आईसीडीएस डीपीओ निधि कुमारी ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में समय परिवर्तन या अवकाश घोषित करने का अधिकार जिला स्तर पर सीमित है.
उन्होंने कहा कि इस संबंध में अंतिम निर्णय आईसीडीएस निदेशालय, पटना अथवा जिला पदाधिकारी के स्तर पर लिया जा सकता है. विभाग को जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, उसके अनुरूप कार्रवाई की जाएगी.
प्रशासन के अगले फैसले पर टिकी निगाहें
स्कूलों में अवकाश और आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन को लेकर अब अभिभावकों की नजर जिला प्रशासन और आईसीडीएस विभाग के अगले कदम पर है.
यदि गर्मी का प्रकोप इसी तरह जारी रहता है, तो आंगनबाड़ी केंद्रों के समय में बदलाव अथवा विशेष निर्देश जारी किए जाने की मांग और तेज हो सकती है.
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