Motihari Fertilizer Raid: मोतिहारी जिले के बंजरिया थाना क्षेत्र में उर्वरक की कालाबाजारी और अवैध भंडारण के संगठित नेटवर्क के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. सदर एसडीओ अरुण कुमार और सदर डीएसपी दिलीप कुमार के संयुक्त नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने मंगलवार को ताबड़तोड़ छापेमारी अभियान चलाया. टीम ने मेसर्स तरुण खाद बीज भंडार से जुड़े तीन अलग-अलग ठिकानों और गोदामों पर एक साथ दबिश दी. इस औचक कार्रवाई से स्थानीय उर्वरक माफियाओं और कालाबाजारी करने वाले व्यापारियों में भारी हड़कंप मच गया है.
Fertilizer Black Marketing: तीन गोदामों पर छापेमारी, दंडाधिकारी और जवान तैनात
प्रशासनिक टीम ने जिन तीन गोदामों को अपनी जांच के दायरे में लिया है, उनमें अंबिका नगर मॉडर्न पब्लिक स्कूल के समीप स्थित गोदाम, चंचल बाबा मठ के पास स्थित खेतान गोदाम और बंजरिया पोखर के निकट संचालित गोदाम शामिल हैं. अधिकारियों ने गोदाम संचालकों से संपर्क साधकर चाबियां मंगवाईं और शटर खुलवाकर प्राथमिक भौतिक सत्यापन शुरू किया. गोदामों के भीतर भारी मात्रा में यूरिया और डीएपी सहित अन्य उर्वरकों की बोरियां खचाखच भरी पाई गईं. अत्यधिक संख्या होने के कारण मौके पर तत्काल गिनती पूरी नहीं हो सकी, जिसके चलते एसडीओ के निर्देश पर तीनों गोदामों को सील कर वहां निगरानी के लिए दंडाधिकारी के साथ पुलिस जवानों को तैनात कर दिया गया है.
बिना लाइसेंस अवैध गोदाम संचालित करने की आशंका
सदर एसडीओ अरुण कुमार ने बताया कि बंजरिया क्षेत्र में उर्वरक की कृत्रिम किल्लत पैदा कर महंगे दामों पर बेचने और अवैध भंडारण करने की लगातार गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं. प्राथमिक जांच में यह गंभीर बात भी सामने आई है कि पकड़े गए ठिकानों में से एक या दो गोदामों का निबंधन कृषि विभाग के पास दर्ज ही नहीं है. यानी सरकार और विभागीय पोर्टल से छिपाकर अवैध रूप से खाद का भंडारण किया जा रहा था. विभागीय अधिकारी अब प्रतिष्ठान के लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर और पीओएस (POS) मशीन के आधिकारिक आंकड़ों का मिलान करने में जुट गए हैं.
बोरियों की गिनती के बाद होगी कठोर कानूनी कार्रवाई
इस संयुक्त छापेमारी अभियान में अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सुरेश प्रसाद, बंजरिया बीडीओ अजय कुमार प्रिंस, बीएओ अनामिका भारती, कृषि समन्वयक सह उर्वरक निरीक्षक कामेश्वर सिंह और अपर थानाध्यक्ष अंबिका जायसवाल समेत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे. अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी प्रकार की हेराफेरी रोकने के लिए रातभर गोदामों पर सशस्त्र पहरा रहेगा. बुधवार की सुबह प्रशासनिक निगरानी में गोदाम में रखी खाद की बोरियों की विस्तृत गिनती कराई जाएगी. यदि भौतिक स्टॉक और कागजी रिकॉर्ड में अंतर पाया गया, तो संबंधित फर्म और संचालकों के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम (ईसी एक्ट) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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