मोतिहारी आदापुर हत्याकांड: 7 दोषियों को आखिरी सांस तक जेल, कोर्ट ने लगाया 33-33 हजार का जुर्माना

Adapur Murder Case Court Decision: मोतिहारी की अदालत ने आदापुर के बहुचर्चित मर्डर केस में बड़ा फैसला सुनाते हुए 7 दोषियों को उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई है.

मोतिहारी से अमरेश वर्मा की रिपोर्ट

Adapur Murder Case Court Decision: पूर्वी चंपारण जिले के चर्चित आदापुर हत्याकांड में मोतिहारी की एक स्थानीय अदालत ने बेहद ऐतिहासिक और बड़ा फैसला सुनाया है. न्यायालय ने इस मामले में त्वरित विचारण (स्पीड ट्रायल) के तहत सुनवाई पूरी करते हुए सभी सात दोषियों को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सख्त सजा सुनाई है. मोतिहारी पुलिस द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत किए गए अचूक वैज्ञानिक साक्ष्यों, पुख्ता गवाहों और मजबूत चार्जशीट के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (द्वितीय) ने यह आदेश जारी किया.

Motihari News: आदापुर कांड संख्या 210/21 में आया फैसला

मिली जानकारी के अनुसार, यह फैसला आदापुर थाना कांड संख्या-210/21, एसटीआर संख्या-709/21 (हत्याकांड) के तहत सुनाया गया है. अदालत ने अभियोजन पक्ष (प्रॉसीक्यूशन) की दलीलों और पुलिस की विवेचना को पूरी तरह सही माना. कोर्ट ने न सिर्फ सातों अभियुक्तों को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा दी, बल्कि सभी पर 33-33 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है. अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.

ये हैं सजा पाने वाले सातों दोषी

अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए और सजा पाने वाले अपराधियों में कृष्ण मोहन सिंह, अनोज सिंह, रंजीत सिंह, चुनचुन उर्फ देवेंद्र सिंह, विजयजीत सिंह, वीरेंद्र सिंह और प्रवीण सिंह मुख्य रूप से शामिल हैं. ये सभी दोषी पूर्वी चंपारण जिले के आदापुर थाना क्षेत्र के बैरिया गांव के ही मूल निवासी बताए जा रहे हैं. सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस ने सभी को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है.

पुलिस की प्रभावी पैरवी रंग लाई

इस ऐतिहासिक फैसले को जिले में हत्या जैसे गंभीर आपराधिक मामलों में प्रभावी अनुसंधान, ससमय चार्जशीट और पुलिस की मजबूत अदालती पैरवी की एक बहुत बड़ी सफलता माना जा रहा है. मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मोतिहारी के पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ साक्ष्य आधारित निष्पक्ष कार्रवाई और कोर्ट में प्रभावी ढंग से पक्ष रखने का ही यह सुखद परिणाम है. गंभीर मामलों में दोषियों को स्पीडी ट्रायल के जरिए जितनी जल्दी सख्त सजा मिलेगी, उससे समाज में कानून का राज और अधिक मजबूत होगा तथा अपराधियों के मंसूबों पर पानी फिरेगा.

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Published by: Purushottam Kumar

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