70th BPSC Result: रेलवे प्वाइंटमैन से DSP बने राजू कुमार, सेल्फ स्टडी से पहली कोशिश में हासिल की सफलता

70th BPSC Result में रक्सौल रेलवे स्टेशन पर प्वाइंटमैन के पद पर कार्यरत राजू कुमार का चयन DSP पद पर हुआ है. बिना कोचिंग और केवल सेल्फ स्टडी के बल पर उन्होंने पहले ही प्रयास में यह सफलता हासिल की है.

रक्सौल से मनोज कुमार गुप्ता की रिपोर्ट

70th BPSC Result: रेलवे में प्वाइंटमैन की नौकरी करते हुए और परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हुए राजू कुमार ने वह मुकाम हासिल किया है, जिसका सपना लाखों युवा देखते हैं. बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के अंतिम परिणाम में रक्सौल रेलवे स्टेशन पर तैनात प्वाइंटमैन राजू कुमार का चयन डिप्टी एसपी (DSP) पद पर हुआ है.

बेगूसराय जिले के खोदावंदपुर प्रखंड स्थित मलमला गांव निवासी राजू कुमार को यह सफलता पहले ही प्रयास में मिली है. उन्हें बीपीएससी में 72वीं रैंक और DSP कैडर में पांचवीं रैंक प्राप्त हुई है.

बिना कोचिंग, सेल्फ स्टडी से हासिल की सफलता

राजू कुमार की सफलता की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उन्होंने किसी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया. उन्होंने न तो कोई ऑनलाइन क्लास की और न ही निजी मार्गदर्शन लिया.

राजू ने इंटरनेट पर उपलब्ध अध्ययन सामग्री और सेल्फ स्टडी के बल पर तैयारी की. परिणाम आने के अगले दिन भी वह रेलवे की वर्दी पहनकर अपनी ड्यूटी पर पहुंचे, जिसकी चर्चा रक्सौल से लेकर समस्तीपुर रेल मंडल तक हो रही है.

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आर्थिक चुनौतियों के बीच तय किया सफलता का सफर

राजू कुमार ने बताया कि उन्होंने मैट्रिक और इंटरमीडिएट की पढ़ाई अपने गांव के स्कूल से पूरी की. वर्ष 2017 में इंटर पास करने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए नौकरी की तैयारी शुरू की.

अगस्त 2019 में उनका चयन रेलवे ग्रुप-डी में प्वाइंटमैन पद पर हुआ और उन्होंने रक्सौल में योगदान दिया. नौकरी के साथ ही उन्होंने इग्नू से स्नातक में नामांकन लिया और वर्ष 2020 से बीपीएससी की तैयारी शुरू कर दी.

वर्ष 2023 में स्नातक पूरा करने के बाद सितंबर 2024 में जारी बीपीएससी विज्ञापन के तहत आवेदन किया और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर ली.

पिता के निधन के बाद मां बनीं सबसे बड़ी ताकत

राजू कुमार ने अपनी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय अपनी मां रेखा देवी को दिया है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में मैट्रिक के दौरान उनके पिता स्वर्गीय राम कैलाश महतो का निधन हो गया था.

पिता के निधन के बाद परिवार पर संकट आ गया, लेकिन उनकी मां ने हिम्मत नहीं हारने दी. उन्होंने लगातार बेटे को प्रोत्साहित किया और विश्वास दिलाया कि वह बड़ी सफलता हासिल कर सकता है.

राजू कहते हैं कि उनकी मां ने मां, पिता और शिक्षक तीनों की भूमिका निभाई.

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रेलवे अधिकारियों और सहकर्मियों ने दी बधाई

राजू की सफलता पर मंडल रेल प्रबंधक से लेकर स्थानीय अधिकारियों और सहकर्मियों ने उन्हें बधाई दी है.

स्टेशन अधीक्षक अजय कुमार, यातायात निरीक्षक धीरेंद्र कुमार, स्टेशन मास्टर सतीश कुमार जायसवाल, आरपीएफ इंस्पेक्टर ए.के. चौधरी समेत कई अधिकारियों और सहकर्मियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.

राजू ने पूर्व स्टेशन अधीक्षक अनिल कुमार सिंह, यातायात निरीक्षक धीरेंद्र कुमार, स्टेशन मास्टर सतीश कुमार जायसवाल तथा अपने सहयोगियों का भी आभार व्यक्त किया.

युवाओं के लिए बने प्रेरणा

रेलवे की नौकरी करते हुए सेल्फ स्टडी के बल पर डीएसपी बनने वाले राजू कुमार आज बिहार के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं. उनकी सफलता यह साबित करती है कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर सीमित संसाधनों में भी बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: Sarfaraz Ahmad

सरफराज अहमद IIMC से प्रशिक्षित पत्रकार हैं. राजनीति, समाज और हाइपरलोकल मुद्दों पर लिखते हैं. क्रिकेट और सिनेमा में गहरी रुचि रखते हैं. बीते तीन वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत हैं।

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