राज्य के विशेष दर्जे पर मोदी सरकार ने तय किये छह प्वाइंट, नीतीश कुमार ने केंद्र को दी बधाई

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने पर इस बार केंद्र की तरफ से सकारात्मक पहल की गयी है.

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने पर इस बार केंद्र की तरफ से सकारात्मक पहल की गयी है.

हाल में प्रधानमंत्री के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नीति आयोग की हुई बैठक का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि पहले तो सिर्फ नीति आयोग की बैठकें होती थीं. लेकिन, यह अच्छी बात है कि इस बार केंद्र ने छह प्वाइंट तय किये हैं, जिनके आधार पर विशेष राज्य के दर्जे के दावे को परखा जायेगा. केंद्र को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है. कुछ आइडिया के साथ केंद्र सरकार ने बैठक की है. इस बार कुछ तो नयी पहल की गयी है.

मुख्य सचिवालय के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर बार की तरह ही इस बार भी गंभीरता से इस मुद्दे को केंद्र के सामने उठाया गया है. केंद्र ने बिहार के अधिकारियों के साथ निर्धारित किये गये छह प्वाइंट पर विस्तार से बैठक की है और अधिकारियों को इन बिंदुओं से जुड़े सभी पहलुओं को बताने के लिए भी कहा.

सीएम ने कहा कि इस बारे में लिखित रूप से डिटेल में केंद्र को सौंप दिया गया है. उन्होंने कहा कि केंद्र से कई योजनाओं पर भी चर्चा हुई. इनमें हर घर बिजली, हर घर नल का जल समेत तमाम योजनाएं शामिल हैं.

बिहार में तो पहले ही सभी घर तक बिजली पहुंचा दी गयी है. नल का जल का काम भी तेजी से चल रहा है. सीएम ने फिर दोहराया कि पूरे देश में बिजली एक दर होनी चाहिए, ताकि किसी को ज्यादा पैसा नहीं देना पड़े.

उधर से नहीं आये एमएलसी के लिए नाम

बिहार विधान परिषद की मनोनीत कोटे की 12 सीटों को भरे जाने के मसले पर मुख्यमंत्री ने बिना भाजपा का नाम लिये कहा कि अब तक उधर से नाम नहीं आये हैं. लिस्ट आने के बाद यह तुरंत फाइनल हो जायेगा. ये सीटें विधानसभा चुनाव के पहले से खाली हैं. अभी दो मंत्री अशोक चौधरी व जनक राम िकसी सदन के सदस्य नहीं हैं. उन्हें िवधान परिषद भेजे जाने की संभावना है.

कुछ सोशल मीडिया पर करते हैं एंटी सोशल काम

सीएम ने कहा कि आजकल सोशल मीडिया का कुछ लोग दुरुपयोग करते हैं. इसके नाम पर एंटी सोशल काम करते हैं. जरूरत है इसके माध्यम से सकारात्मक बातों को प्रचारित करने की है.

उन्होंने कहा कि जिन्हें कोई अनुभव नहीं है और इससे कोई मतलब नहीं है, वे भी सोशल मीडिया पर कुछ-कुछ करते रहते हैं. नयी पीढ़ी सोशल साइट के गलत कंटेंट से गुमराह हो रही है. इसलिए जरूरी है सोशल साइट पर सकारात्मक बातों को चलाने का. यही कारण है कि पोर्न साइट पर पाबंदी लगाने की पहल की जाती है.

Posted by Ashish Jha

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By Prabhat khabar news desk

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