खाद्यान्न के अभाव में जिले के 128 विद्यालयों के बच्चों को मध्याह्न भोजन नहीं मिल रहा है. राज्य निदेशालय की ओर से स्कूलों से मांगी गयी रिपोर्ट में यह मामला सामने आने पर डीपीओ पीएम पोषण योजना ने संबंधित प्रखंड साधनसेवियों से स्पष्टीकरण मांगा है. डीएम प्रणव कुमार ने समीक्षा बैठक में निर्देश दिया था कि किसी भी हाल में मध्याह्न भोजन का संचालन बंद नहीं हो चाहिए. सभी बीआरपी को स्कूलों से समन्वय बनाने और एक खफ्ते का बफर स्टाॅक शेष रहते ही सूचना विभाग को देने का निर्देश दिया था. इसके बाद भी खाद्यान्न की आपूर्ति नहीं होने का हवाला देकर मध्याह्न भोजन बंद कर दिया गया है.
प्रखंड साधनसेवियों से मांगा गया जवाब
डीपीओ पीएम पोषण योजना ने सभी प्रखंड साधनसेवियों से जवाब मांगा है कि किस स्तर से चूक के कारण मध्याह्न भोजन का संचालन बंद हुआ है. हालांकि विभागीय लोगों का कहना है कि निदेशालय की ओर से प्रत्येक दिन योजना की समीक्षा की जाती है. इस क्रम में कुछ स्कूलों की ओर से जल्दीबाजी में गलत जानकारी दे दी गयी थी. इस कारण यह आंकड़ा 128 पहुंच गया है. स्कूलों में खाद्यान्न की आपूर्ति हो रही है. अब 29 ऐसे स्कूल है, जहां मध्याह्न भोजन का संचालन नहीं हो रहा है. यहां भी एक से दो दिनों में मध्याह्न भोजन का संचालन शुरू हो जाएगा.
खाद्य आयोग के अध्यक्ष भी की समीक्षा
खाद्य आयोग के अध्यक्ष विद्यानंद विकल ने जिले में स्कूलों में मध्याह्न भोजन की कमी के कारण एमडीएम ठप होने की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने आपूर्ति विभाग और योजना से जुड़े सभी पदाधिकारियों को कहा कि चावल का आवंटन पर्याप्त मात्रा में हो रहा है. ऐसे में किसी भी स्कूल में खाद्यान्न के कारण संचालन बंद नहीं होना चाहिए.
प्रखंडवार एमडीएम बंद करने वाले स्कूलों की संख्या
औराई – 18
बंदरा – 9
बोचहां – 24
गायघाट – 21
कांटी – 3
कटरा – 3
कुढ़नी – 16
मड़वन – 10
मुरौल – 1
मोतीपुर – 1
पारू 14
साहेबगंज – 1
सकरा – 4
सरैया – 3
