बिहार में अब रैयतों के घर तक पहुंचेगा जमीन का नक्शा, करना होगा यहां आवेदन

पूरे देश में अभी कहीं भी यह व्यवस्था नहीं है कि ए जीरो साइज में नक्शों को ऑनलाइन ऑर्डर पेमेंट करें और सरकार घर के दरवाजे तक उसको डाक के माध्यम से पहुंचाये.

पटना. बिहार में रैयत को अपनी जमीन का नक्शा के लिए सरकार के किसी भी कार्यालय में नहीं जाना होगा. रैयत को उसकी जमीन का नक्शा घर पर पहुंचाने वाली योजना कभी भी शुरू की जा सकती है.

बिहार के लोगों को पिछले साल जुलाई में ही इस सुविधा का लाभ मिलना था, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से योजना की लांचिंग टाल दी गयी थी. अब केवल उद्घाटन की औपचारिकता रह गयी है.

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी प्रकार की तकनीकी बाधाओं को दूर कर लिया है. यानी इसी जनवरी में बिहार जमीन के नक्शा को घर पर पहुंचाने वाला पहला राज्य बन जायेगा. पूरे देश में अभी कहीं भी यह व्यवस्था नहीं है कि ए जीरो साइज में नक्शों को ऑनलाइन ऑर्डर पेमेंट करें और सरकार घर के दरवाजे तक उसको डाक के माध्यम से पहुंचाये.

अधिकतर राज्यों में लोगों को अपनी जमीन के नक्शा आदि के लिए राजस्व कार्यालयों तक कई दिनों तक भाग-दौड़ करनी पड़ती है. बिहार में लोगों को नक्शा लेने गुलजारबाग सर्वेक्षण कार्यालय आना पड़ता है.

तीन नक्शे 150 रुपये में लोगों के घर तक पहुंचेगा. कंटेनर की कीमत 35 रुपये, डाक शुल्क 100 रुपये है. नक्शे की ऑनलाइन डिलीवरी के लिए भू–अभिलेख और परिमाप निदेशालय के वेबसाइट dlrs.bihar.gov.in पर जाकर door step delivery system सॉफ्टवेयर पर आवेदन करना होगा. पेमेंट ऑनलाइन चुकाना होगा.

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Published by: Prabhat khabar news desk

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