मधुबनी.
सदर अस्पताल में प्रसव के लिए सामान्य एवं सिजेरियन प्रसव की गर्भवती महिलाओं को अब एक रुपये की दवा बाहर से नहीं खरीनी पड़ेगी. प्रसव कक्ष में सामान्य गर्भवती महिलाओं को सभी तरह की दवाएं दी जाएगी. वहीं, सिजेरियन प्रसव के लिए किट उपलब्ध कराया गया है. बिना चिकित्सक की सलाह से मरीजों को बाहर से दवाओं की खरीदारी कराने वाली आशा कार्यकर्ता एवं संलिप्त कर्मियों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी. साथ ही प्रसव कक्ष में मरीजों के परिजनों से अवैध रूप से डॉ. हरेंद्र कुमार ने सदर अस्पताल का जायजा लेने के बाद कही. सिविल सर्जन ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए मरीजों को बेहतर व गुणवत्तापूर्ण सेवा देने के लिए संकल्पित है. सिविल सर्जन ने प्रसव कक्ष, एसएनसीयू, मेल एव फीमेल वार्ड, इमरजेंसी सहित मॉडल अस्स्ताल स्थित सभी विभागों का जायजा लिया.कैदी वार्ड को शिफ्ट करने का दिया निर्देश
सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने सदर अस्पताल के कैदी वार्ड को रिकवरी रुम एवं चाइल्ड वार्ड में शिफ्ट करने का निर्देश अस्पताल प्रबंधक अब्दुल मजीद को दिया. साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर ग्रील लगाने को कहा. वहीं सीएसएसडी विभाग में ग्रील लगाकर चालू करने का निर्देश दिया.दवाओं की नहीं है किल्लत
सिविल सर्जन ने जिला दवा भंडार का भी निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल में विभाग द्वारा निर्धारित 90 प्रतिशत से अधिक आवश्यक दवा का भंडारण किया गया है. दवा की किल्लत नहीं है. उन्होंने चिकित्सकों को ओपीडी एवं इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को सूची के अनुरूप दवा पर्ची पर लिखने का निर्देश दिया. ताकि दवा काउंटर पर मरीजों को सभी तरह की दवा उपलब्ध हो सके. सीएस ने अस्पताल प्रबंधक को बिचौलियों एवं संदिग्ध आशा कार्यकर्ताओं पर नजर रखते हुए चिन्हित करने का निर्देश दिया, ताकि बिचौलियों पर एफआईआर एवं आशा को चयन मुक्त किया जा सके. उन्होंने मरीजों को बिना चिकित्सक की सलाह से जांच एवं निजी नर्सिंग होम में इलाज के लिए ले जाने वाली आशा कार्यकर्ताओं को सीसीटीवी के माध्यम से चिन्हित करने का निर्देश दिया. मौके पर प्रभारी अधीक्षक डा. राजीव रंजन, अस्पताल प्रबंधक अब्दुल मजीद सहित कई स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
