रेबीज नियंत्रण को लेकर चिकित्सा कर्मियों को प्रशिक्षण

जिले में रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत चिकित्सा कर्मियों को सोमवार को प्रशिक्षण दिया गया.

मधुबनी . जिले में रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत चिकित्सा कर्मियों को सोमवार को प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को रेबीज की रोकथाम, पहचान, उपचार एवं नियंत्रण से जुड़ी नवीनतम जानकारी और प्रोटोकॉल से अवगत कराना था. कार्यक्रम का आयोजन सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार के निर्देशानुसार किया गया. प्रशिक्षण में एएनएम, जीएनएम और पैरामेडिकल स्टाफ को बताया गया कि रेबीज 100 प्रतिशत घातक लेकिन पूरी तरह से रोके जाने योग्य बीमारी है. इसके लिए पशु काटने के बाद समय पर घाव की उचित सफाई और टीकाकरण का उपयोग आवश्यक है. प्रशिक्षकों ने रेबीज के लक्षण, मानव व पशु में इसके संक्रमण के तरीके और वैक्सीन प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी. प्रशिक्षण आईडीएसपी एपिडेमियोलॉजी अनिल चक्रवर्ती ने दिया. एसीएमओ डॉ. एसएन झा ने कहा कि रेबीज से हर वर्ष हजारो लोगों की जान जाती है. जबकि यह पूरी तरह से रोकथाम योग्य है. आमजन को समय पर टीकाकरण के लिए जागरूक करना और स्वास्थ्यकर्मियों को अद्यतन प्रशिक्षण देना इस दिशा में बड़ा कदम है. प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि पशु काटने के बाद देरी किये बिना नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर एंटी-रेबीज वैक्सीन अवश्य लेना चाहिए.

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Author: DIGVIJAY SINGH

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