Madhubani News : तेज पुरबा हवा चलने की संभावना, तापमान में और होगा बढ़ोतरी

पिछले दो दिनों से भीषण गर्मी से लोग परेशान हैं. शुक्रवार को तापमान 37 डिग्री सेल्सियस हो गया.

मधुबनी.

पिछले दो दिनों से भीषण गर्मी से लोग परेशान हैं. शुक्रवार को तापमान 37 डिग्री सेल्सियस हो गया. इसके साथ ही गर्म हवाओं के थपेड़ोु से भीषण गर्मी का एहसास होने लगा है. यदि मौसम का मिजाज कुछ दिनों तक ऐसा ही रहा तो आने वाले दिनों में आम आदमी की परेशानी बढ़ सकती है. भीषण गर्मी के बाद भी सदर अस्पताल के ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर पर शुक्रवार को 556 मरीजों का रजिस्ट्रेशन किया गया. ऐसे में चिकित्सकों ने लोगों को गर्मी एवं हीटवेव से सतर्कता बरतने की सलाह दी है.

सर्दी, खांसी के बढ़ रहे मरीज

भीषण गर्मी के कारण सदर अस्पताल में सर्दी, खांसी, बुखार एवं पेट दर्द से पीड़ित मरीजों का की संख्या भी बढ़ने लगी है. इसमें सबसे अधिक मेल ओपीडी में सर्दी खांसी, बुखार, पेट दर्द एवं बीपी से पीड़ित 175 मरीजों, स्त्री एवं प्रसूति रोग आईपीडी गायनिक 126, आर्थोपेडिक ओपीडी में 137, आईं ओपीडी में 35 व डेंटल ओपीडी में 20, मनोचिकित्सक ओपीडी में 25, चाइल्ड ओपीडी में 30 मरीज शामिल थे. मेल ओपीडी के चिकित्सा पदाधिकारी डाॅक्टर संजीव कुमार झा ने कहा कि भीषण गर्मी व हीटवेव से कुछ सावधानी बरत कर अपने को सुरक्षित रखा जा सकता है. चिकित्सक ने कहा कि किसी भी प्रकार की बीमारी होने पर पीड़ित व्यक्ति को इलाज के लिए अपने चिकित्सक व नजदीकी अस्पताल में जाना चाहिए. ताकि समय रहते बीमारी का पता लगाकर उसका सही इलाज किया जा सके.

556 मरीजों का हुआ पंजीकरण

शुक्रवार को सदर अस्पताल के ओपीडी काउंटर पर 556 मरीजों का रजिस्ट्रेशन किया गया. इसमें मेल ओपीडी में 165 मरीजों का इलाज डॉक्टर संजीव कुमार झा कुमार ने किया गया. डॉ. झा ने कहा कि वर्तमान समय में सर्दी खांसी बुखार व पेट दर्द से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी है. ऑर्थोपेडिक ओपीडी में डॉक्टर संजीत कुमार ने 137 मरीजों का इलाज किया. डॉक्टर संजीत ने कहा कि वर्तमान समय में अधिकांश मरीज कमर दर्द व पेट दर्द से पीड़ित थे. गायनिक ओपीडी में डॉक्टर नेहा झा ने कहा कि गर्भवती महिला सहित महिला रोग से संबंधित 126 मरीजों को इलाज कर उचित सलाह दी गई. प्रभारी उपाधीक्षक डॉक्टर राजीव रंजन ने कहा कि हीट वेब एवं भीषण गर्मी को देखते हुए सदर अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में ओआरएस सहित अन्य प्रकार की जीवन रक्षक दवाओं का भंडारण किया गया है. ताकि हीट वेब की चपेट में आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज के साथ ही संबंधित बीमारी की दवा उपलब्ध कराया जा सके.

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Author: GAJENDRA KUMAR

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