Madhubani : दिव्यांग छात्रों को जीवन में सफलता की राह होगी आसान, मिलेगी छात्रवृत्ति

जीवन में सफलता की राह मुश्किल होती है, यह थोड़ी ज्यादा मुश्किल और हो जाती है जब व्यक्ति अपनी शारीरिक रूप से विकलांग होता है.

योजना का लाभ उठाने के लिए 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता होना जरूरी सरकार चला रही मुख्यमंत्री विकलांग सशक्तिकरण योजना मधुबनी . जीवन में सफलता की राह मुश्किल होती है, यह थोड़ी ज्यादा मुश्किल और हो जाती है जब व्यक्ति अपनी शारीरिक रूप से विकलांग होता है. लेकिन सफलता पाने का ज़ज्बा हर किसी के अंदर होता है. विकलांग लोगों के इसी जज्बे को देखते हुए, केंद्र और बिहार सरकार दिव्यांग स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप प्रदान करती हैं. जिससे वह अपने जीवन में आने वाले आर्थिक परेशानियां का सामना आसानी से कर सकें और आर्थिक परिस्थिति उनकी सफलता में रुकावट न बनें. विदित हो कि बिहार सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों (पीडब्ल्यूडी) के लिए एक एकीकृत सशक्तिकरण योजना को मंजूरी दी है. जिसमें छात्रवृत्ति योजना भी शामिल है. छात्रों को कक्षा स्तर के अनुसार 400 रुपये से 1500 रुपये प्रति माह की छात्रवृत्ति दी जांएगी. इस योजना के तहत 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले छात्रों को उनकी आय या आयु वर्ग की परवाह किए बिना मासिक छात्रवृत्ति दी जाएगी. यह योजना दिव्यांग छात्रों को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई है. योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा. यह स्कॉलरशिप हैं- 1. स्कॉलरशिप फॉर टॉप क्लास एजुकेशन (ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री/डिप्लोमा) 2. प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप (कक्षा 9 और 10 3. पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप (कक्षा 11 से पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री/डिप्लोमा तक) स्कॉलरशिप के लिए योग्यता- स्टूडेंट भारतीय नागरिक होना चाहिए. स्टूडेंट में “दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016” के अनुसार 40 प्रतिशत या उससे अधिक विकलांगता होनी चाहिए. कैंडिडेट के पास किसी मान्यता प्राप्त अधिकारी से वैलिड दिव्यांगता सर्टिफिकेट होना चाहिए और आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण होना चाहिए. कैंडिडेट के पास यूडीआईडी कार्ड या रजिस्ट्रेशन होना चाहिए. एक ही माता-पिता के दो से अधिक विकलांग बच्चे स्कीम का लाभ प्राप्त करने के हकदार नहीं होंगे. यदि दूसरा बच्चा जुड़वां है, तो योजनाओं के तहत स्कॉलरशिप जुड़वां के लिए स्वीकार्य होगी. किसी भी कक्षा में पढ़ने वाले स्टूडेंट को स्कॉलरशिप केवल एक वर्ष के लिए उपलब्ध होगी. यदि किसी छात्र को एक कक्षा को दोहराना पड़ता है, तो उसे एनएसपी द्वारा बताए गए दूसरे (या बाद के) वर्ष के लिए उस कक्षा के लिए स्कॉलरशिप नहीं मिलेगी. इस स्कीम के तहत स्कॉलरशिप स्टूडेंट किसी अन्य स्कॉलरशिप/वजीफे का लाभ नहीं उठा सकते हैं. दूसरे शब्दों में, इस योजना के तहत छात्रों को किसी अन्य स्कॉलरशिप/वजीफे को स्वीकार करने की तारीख से कोई स्कॉलरशिप नहीं दी जाएगी.

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