टीबी मरीजों की सहायता के लिए हर जिले में बनेगा 'टीबी मुक्त भारत अभियान-सहयोग कोष'

टीबी मुक्त भारत अभियान को मजबूत करने के लिए सरकार ने "टीबी मुक्त भारत अभियान-सहयोग कोष" नामक एक समर्पित बैंक खाता खोलने का निर्देश दिया है। यह कोष टीबी मरीजों को अतिरिक्त पोषण सहायता प्रदान करेगा।

Madhubani News: राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत टीबी मरीजों को अतिरिक्त पोषण सहायता उपलब्ध कराने और समुदाय की भागीदारी को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने "टीबी मुक्त भारत अभियान-सहयोग कोष" के नाम से समर्पित बैंक खाता खोलने का निर्देश दिया है. इस संबंध में कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पाण्डेय ने जिलाधिकारी और सिविल सर्जन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं.

प्रत्येक जिले में खुलेगा अलग सहयोग कोष खाता

निर्देश के अनुसार प्रत्येक जिला स्वास्थ्य समिति के अंतर्गत "टीबी मुक्त भारत अभियान-सहयोग कोष" के नाम से अलग बचत खाता खोला जाएगा. यह खाता भारतीय रिजर्व बैंक से मान्यता प्राप्त किसी भी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक में खोला जाएगा, जहां इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर की सुविधा उपलब्ध हो. इस खाते के अंतर्गत फिक्स्ड डिपॉजिट, निवेश आधारित या अन्य किसी प्रकार के निवेश खाते खोलने की अनुमति नहीं होगी.

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जिलाधिकारी की स्वीकृति के बाद होगा संचालन

खाता खोलने से पहले संबंधित जिलाधिकारी से प्रशासनिक स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा. सामान्य वित्तीय नियमावली और जिला स्वास्थ्य समिति के प्रावधानों के अनुरूप जिला प्रशासन दो अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं को नामित करेगा, जो खाते के संचालन और वित्तीय लेन-देन के लिए अधिकृत होंगे.

निक्षय मित्रों और CSR से मिलेगी सहायता

सहयोग कोष के संचालन, राशि के उपयोग, कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन और शिकायत निवारण की जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी तथा जिला संचारी रोग पदाधिकारी की संयुक्त रूप से होगी. इस खाते में केवल निक्षय मित्रों, कॉरपोरेट संस्थानों, कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) और परोपकारी संगठनों से प्राप्त दान एवं अनुदान की राशि जमा की जाएगी. इस राशि का उपयोग केवल टीबी मरीजों को पोषण सहायता और अन्य प्रत्यक्ष लाभ उपलब्ध कराने में किया जाएगा.

वार्षिक ऑडिट से रहेगी पारदर्शिता

सहयोग कोष के संचालन में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए खाते का वार्षिक ऑडिट राज्य सरकार द्वारा सूचीबद्ध चार्टर्ड अकाउंटेंट से कराया जाएगा. ऑडिट रिपोर्ट और उस पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट जिला स्वास्थ्य समिति तथा जिलाधिकारी के माध्यम से राज्य सरकार को भेजी जाएगी. ऑडिट का खर्च कार्यक्रम मद से वहन किया जाएगा.

समाज की भागीदारी से मजबूत होगा अभियान

जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कहा कि "टीबी मुक्त भारत अभियान-सहयोग कोष" समाज की सहभागिता बढ़ाने की महत्वपूर्ण पहल है. इससे निक्षय मित्रों, कॉरपोरेट संस्थानों और सामाजिक संगठनों का सहयोग सीधे टीबी मरीजों तक पहुंचेगा. साथ ही जरूरतमंद मरीजों को समय पर पोषण सहायता और अन्य आवश्यक लाभ उपलब्ध कराए जा सकेंगे, जिससे टीबी उन्मूलन अभियान को नई गति मिलेगी.


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