अल्पसंख्यक ऋण वसूली: मधुबनी जिले में मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना, एनएमडीएफसी टर्म लोन योजना और मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक शिक्षा ऋण योजना के तहत वितरित ऋण की वसूली के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा. बिहार स्टेट माइनोरिटीज फाइनेंशियल कॉरपोरेशन लिमिटेड ने 14 से 19 सितंबर तक विशेष ऋण वसूली शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया है. अभियान के दौरान बकायेदारों को ऋण की राशि जमा करने के लिए जागरूक किया जाएगा.
जिला से प्रखंड स्तर तक होगा प्रचार-प्रसार
ऋण वसूली अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिला मुख्यालय, अनुमंडल कार्यालय और प्रखंड कार्यालय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है. जरूरत के अनुसार अलग-अलग स्थानों पर वसूली शिविर भी लगाए जाएंगे. इन शिविरों का उद्देश्य बकायेदार ऋणियों को भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराना और लंबे समय से लंबित ऋण राशि की वसूली सुनिश्चित करना है.
समय पर भुगतान नहीं किया तो बढ़ेगा बोझ
विभाग की ओर से ऋणियों को समय पर बकाया राशि जमा करने की सलाह दी गई है. निर्धारित समय पर ऋण की राशि नहीं चुकाने पर बकाया रकम पर ब्याज के साथ दंड-शुल्क भी देना होगा. ऐसे में बकाया राशि बढ़ सकती है और ऋणी पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा.
कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी
वसूली अभियान के दौरान ऋण का भुगतान नहीं करने वाले बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है. संबंधित बकायेदारों के विरुद्ध दीवानी एवं फौजदारी मुकदमा दायर किए जाने का भी प्रावधान बताया गया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि वसूली शिविर के दौरान बकाया ऋण का भुगतान नहीं करने पर ऋणी की ओर से दिया गया कोई भी स्पष्टीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा.
गारंटर पर भी हो सकती है कार्रवाई
निर्देश में संबंधित बकायेदारों के साथ उनके गारंटर के खिलाफ भी नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है. ऐसे में ऋण लेने वाले लाभार्थियों और गारंटरों को समय रहते बकाया राशि जमा करने की सलाह दी गई है. 14 से 19 सितंबर के बीच आयोजित होने वाले विशेष शिविरों के जरिए विभाग लंबित ऋण की वसूली में तेजी लाने की तैयारी में है.
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