शिव-पार्वती विवाहोत्सव आज, तैयारी पूरी

मंदिर के पुजारी हीरा ठाकुर ने कहा कि सुबह सबसे पहले भगवान शिव का विधिवत श्रृंगार किया जाएगा.

हरलाखी . महा शिवरात्रि को लेकर प्रखंड के मनोकामना महादेव मंदिर कमतौल, धरोहर नाथ महादेव मंदिर खिरहर सहित विभिन्न शिवालयों में एक दिन पूर्व तैयारी कर ली गयी. पौराणिक कल्याणेश्वर महादेव मंदिर को एलईडी बल्ब व फूल मालाओं से सजाया गया है. मंदिर के पुजारी हीरा ठाकुर ने कहा कि सुबह सबसे पहले भगवान शिव का विधिवत श्रृंगार किया जाएगा. उसके बाद श्रद्धालुओं के लिए पट खोल दिया जाएगा. पहली बार बासोपट्टी दुर्गा मंदिर से कल्याणेश्वर महादेव मंदिर के लिए दोपहर दो बजे से शिव पार्वती विवाह झांकी निकाली जाएगी. जिसका नेतृत्व शिव नारायण यादव व राम शोभित साह करेंगे. थाने की पुलिस व कमिटी की निगरानी में शांतिपूर्ण तरीके से महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाएगा. पूजा तथा शिव बारात की तैयारी की गयी है. शिव बारात में रथ पर डीजे, ढोल बाजे के साथ भगवान शिव, पार्वती, नंदी, भूत प्रेत समेत कई तरह की झांकियां निकाली जाएगी. बेनीपट्टी . प्रखंड मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर इंडो नेपाल सीमा और पड़ोसी जिला सीतामढ़ी की सीमा के पास स्थित शिवनगर गांव में बाबा गांडिवेश्वर नाथ महादेव और उससे करीब तीन किलोमीटर दूर बर्री गांव स्थित महाभारतकालीन बाणेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पूजनोत्सव की सभी तैयारी मंगलवार को पूरी की जा चुकी है. श्रद्धालुओं के आने-जाने व रहने के लिये भोजन व रहने की व्यवस्था भी की गयी है. श्रद्धालुओं की भीड़ के आगे मंदिर में उपलब्ध संसाधन और सुविधाएं बौना पड़ने लगती है. बता दें कि शाहपुर पंचायत के शिवनगर गांव में उत्तर पश्चिम कोने पर अवस्थित गांडिवेश्वर नाथ महादेव मंदिर को भी अब तक पर्यटन स्थल में शामिल नही किये जाने से आस-पास के लोगों में निराशा व्याप्त है. गांडिवेश्वर स्थान वह स्थान है, जहां भगवान शिव ने अर्जुन को गांडीव प्रदान किया था. बाणेश्वर स्थान वाणगंगा के नाम से जाना जाता है. किवदंति है कि महाभारत काल के दौरान पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान गांडिवेश्वर स्थान के पास अपना कुछ समय बिताया था. प्यास से तड़पती गाय को देख धर्नुधर अर्जुन ने धरती में बाण मारकर गंगा की धारा को निकाला था. जिससे प्यासी गाय पानी पीकर अपनी प्यास बुझायी थी. अब भी उक्त स्थल के पास वह पवित्र सरोवर है. तब से यह स्थल वाणगंगा के नाम से जाना जाने लगी. आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रकाश झा, छोटन महादेव, त्रिलोक महादेव, गौतम महादेव, मालिक झा, सुनील झा, रमन झा, आनंदी पंडा, ग्रामीण रमेश झा, चंद्रमणि कुमार, हरि पासवान ने कहा कि इन दोनों स्थल पौराणिक व महाभारतकालीन होने के कारण महाशिवरात्रि के दिन भारत के विभिन्न राज्यों व पड़ोसी देश नेपाल से भी काफी संख्या में श्रद्धालुओं पूजा अर्चना के लिये पहुंचते हैं. शिलानाथ धाम मंदिर में महाशिवरात्रि की तैयारी पूरी जयनगर . भगवान शिव के धाम शिलानाथ मंदिर में महाशिवरात्रि को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. जहां श्रद्धालु भगवान शिव-पार्वती विवाह महोत्सव एवं भव्य श्रृंगार का हिस्सा बनेंगे. शिलानाथ मंदिर की सुंदरता और धार्मिक महत्व के कारण जयनगर और आसपास के प्रखंड क्षेत्रों से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं. एक एकड़ में फैले इस मंदिर परिसर में माता पार्वती, मां जगदंबा, भगवान गणेश, श्रीहरि विष्णु-मां लक्ष्मी सहित कई देवी-देवताओं के मंदिर स्थित हैं. अत्यधिक भीड़ को देखते हुए मंदिर पूजा कमेटी ने बुजुर्गों, दिव्यांगों, बच्चों और चलने-फिरने में असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए बाह्य अरघा की व्यवस्था की गई हैं. महाशिवरात्रि की तैयारी को लेकर एसडीएम वीरेंद्र कुमार, डीएसपी विप्लव कुमार ने मंदिर के कमेटी एवं पण्डा के साथ भीड़ प्रबंधन के तैयारी की समीक्षा की. एसडीओ ने सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर परिसर और आसपास के संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने को कहा. मंदिर मार्गों पर बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई हैं. खोया-पाया केंद्र भी स्थापित किया जाएगा.

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By Prabhat Khabar News Desk

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