Madhubani News : मिथिलांचल में 29 जनवरी से गुंजेगी शहनाई

सूर्य के उत्तरायण होते ही मकर संक्रांति के बाद शुभ कार्य का मुहूर्त शुरू हो जाता है.

Madhubani News : मधुबनी. सूर्य के उत्तरायण होते ही मकर संक्रांति के बाद शुभ कार्य का मुहूर्त शुरू हो जाता है. विवाह, मुंडन, यज्ञोपवीत व गृह प्रवेश की अवधि शुभ मानी जाती है. सूर्य दक्षिण से उत्तर दिशा की ओर बढ़ने लगते हैं, जो ऊर्जा और नयी शुरुआत का प्रतीक है. यह समय देवताओं का दिन और शुभ कार्यों के लिए उत्तम समय माना जाता है. इसके बाद से रुके हुए मांगलिक कार्य शुरू हो जाता है. पं. पंकज झा शास्त्री ने कहा कि लग्न और मुहूर्त का ज्योतिषीय आधार ग्रह, नक्षत्र और राशियों की स्थिति है, जो किसी कार्य की सफलता के लिए ब्रह्मांडीय ऊर्जाओं को संरेखित करता है. जबकि इसका वैज्ञानिक पहलू यह है कि सही समय पर कार्य शुरू करने से मानसिक एकाग्रता एवं, आत्मविश्वास बढ़ता है और ब्रह्मांडीय ऊर्जा के साथ तालमेल बिठाकर नकारात्मक प्रभावों से बचा जा सकता है. इससे कार्य की बाधाएं कम होती हैं और सफलता की संभावना बढ़ती है. जिसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी है. पं. पंकज झा शास्त्री ने कहा कि 2026 में मिथिला क्षेत्रीय पंचांग के अनुसार 21 जनवरी से शुभ मुहूर्त शुरू हो गया है.

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By GAJENDRA KUMAR

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